बुलंदशहर। शनिवार रात तेज हवाओं के साथ हुई बारिश ने अनूपशहर, शिकारपुर और सिकंदराबाद इलाके के किसानों की परेशानियाँ बढ़ा दीं। पककर कटाई के लिए तैयार खड़ी धान की फसल जमीन पर बिछ गई और गन्ने की फसल भी कई जगह गिर गई।
किसानों के प्रारंभिक अनुमानों के अनुसार धान की फसल को करीब 30% और गन्ने की फसल को 25% से अधिक नुकसान हुआ है। बारिश के बाद खेतों में जलभराव ने स्थिति और बिगाड़ दी है। दाना काला पड़ने और फसल सड़ने का खतरा मंडरा रहा है।
फसलों को क्षति और किसानों की मांग
किसान कुलदीप चौधरी, अवधेश भगत, अनिल कुमार, अमित शर्मा, मान सिंह और शिवा राणा ने बताया कि रात में अचानक मौसम बदल गया और तेज हवाओं ने फसलों को धराशायी कर दिया। कई जगह धान की बालियां जमीन से लग गईं जबकि गन्ने की पत्तियों और डंडी भी गिर गई। प्रभावित किसानों ने प्रशासन से सर्वे कराकर उचित मुआवजा दिलाने की मांग की है।
कोट: उप कृषि निदेशक बबलू कुमार और जिला कृषि अधिकारी रामकुमार यादव ने बताया कि फसल को 30% और 25% के आसपास नुकसान माना जा रहा है और सही आकलन सर्वे के बाद ही होगा। उन्होंने कहा कि किसान फसल नुकसान की शिकायत 72 घंटे के भीतर दर्ज करा सकते हैं।
अधिकारी यह भी स्पष्ट करते हैं कि फसल नुकसान का मुआवजा उन्हीं किसानों को मिलेगा, जिन्होंने अपनी फसल का बीमा कराया है। इसके अलावा कृषि विशेषज्ञ चेतावनी दे रहे हैं कि यदि खेतों से पानी की निकासी जल्दी नहीं हुई तो बचे हुए दानों का काला पड़ना और सड़ना शुरू हो सकता है।
बारिश का असर पशुपालकों पर भी पड़ा है। ज्वार और बाजरा समेत हरा चारा जलमग्न हो गया है जिससे चारे के सड़ने और पशु संकट की आशंका जताई जा रही है। सब्जी व दलहन की फसलों को भी नुकसान की संभावना बनी हुई है।
मौसम और आगे का हाल
बुलंदशहर जिले में करीब 40 मिमी बारिश दर्ज की गई। रविवार को अधिकतम तापमान 26 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 22 डिग्री दर्ज हुआ। कृषि विज्ञान केंद्र की मौसम वैज्ञानिक डॉ. रेशु सिंह ने कहा कि आसमान में बादल छाए रहेंगे और अगले एक-दो दिन में मौसम में फेरबदल हो सकता है।
स्रोत: अमर उजाला

