चंदौली। बनरसिया गांव के रहने वाले दर्जनों ग्रामीण सोमवार को जिलाधिकारी चंद्रमोहन गर्ग से मिलने जिला मुख्यालय पहुंचे और गांव की बुनियादी सुविधाओं की बदहाली की शिकायत की। उन्होंने सड़क, जलनिकासी और स्वास्थ्य सेवाओं की तत्काल व्यवस्था की मांग करते हुए डीएम को पत्रक सौंपा।
ग्रामीणों ने बताया कि आजादी के बाद से गांव में अपेक्षित विकास नहीं हुआ है। कई सड़कें टूट-फूट वाली हैं और बारिश में पानी जमा रहने से आवागमन मुश्किल हो जाता है।
मुख्य शिकायतें और माँगे
लोगों ने कहा कि नालियों की कमी और खराब जलनिकासी के कारण रास्तों पर पानी कई दिन तक रुक जाता है। इससे खेत और घरों तक पहुंच प्रभावित होती है और बच्चों व बुजुर्गों के लिए जोखिम बढ़ जाता है। ग्रामीणों ने स्थायी नाली निर्माण और जलभराव का मूल समाधान कराने की मांग की।
स्वास्थ्य सेवाओं की अनुपलब्धता भी बड़ी समस्या बताई गई। गांव में प्राथमिक स्वास्थ्य कक्ष नहीं होने के कारण इलाज के लिए लोग दूसरे स्थानों पर जाना पड़ता है, जो समय और खर्च दोनों बढ़ा देता है। इसलिए उन्होंने गांव में अस्पताल या स्वास्थ्य केंद्र की स्थापना की भी मांग रखी।
ग्रामीणों ने अपने सवाल व मांगों का लेखा-जोखा जिलाधिकारी को लिखित रूप में सौंपा। बैठक में उपस्थित लोगों में कृष्णानंद पांडेय, कार्तिकेय पांडेय, कमलेश पांडेय, सर्वजीत यादव, धनंजय तिवारी और कमलेश शर्मा शामिल थे।
- उमाकांत पांडेय
- वासुदेव राम
- निधि पांडेय
- सोनू पांडेय
- रामदुलार, शंकर, संतलाल, दयाराम, राजू राम और अनिल कुमार शर्मा
डीएम चंद्रमोहन गर्ग ने ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि संबंधित अधिकारियों को गांव पर भेजकर मौके पर समस्याओं की जांच कराई जाएगी। उन्होंने कहा कि जांच रिपोर्ट के आधार पर सड़क की मरम्मत और आवश्यक निर्माण कार्य कराए जाएंगे।
आगे की कार्रवाई
ग्रामीण अब अधिकारियों की कार्रवाई और रिपोर्ट का इंतजार कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि यदि तय समय में काम नहीं हुआ तो वे फिर से मिलकर फॉलोअप करेंगे। स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क और स्वास्थ्य जैसी मूल सुविधाओं के बिना गांव का विकास संभव नहीं।
स्रोत: अमर उजाला

