कंदवा। तीन दिन से चले तेज हवाओं और लगातार बारिश ने जिले के किसानों की चिंता बढ़ा दी है। कई इलाकों में खेतों में पानी भर गया और धान की फसल जगह-जगह जमीन पर बिछ गई।
कंदवा क्षेत्र के खोर गांव समेत कई गांवों में धान की फसल पानी में दब गई है। खोर गांव के किसान सत्येंद्र सिंह और संजय सिंह समेत कई किसानों के खेतों में फसल पानी में डूबी मिली।
फसल को नुकसान का खतरा
किसानों का कहना है कि लंबे समय तक फसल पानी में रहने से धान की बालियां सड़ सकती हैं और दानों की गुणवत्ता प्रभावित हो सकती है। सत्येंद्र सिंह और सुरेंद्र सिंह ने बताया कि तेज हवा से फसल काफी हद तक गिर गई है और खेतों का जायजा लेते हुए वे नुकसान का आकलन कर रहे हैं।
किसान रतन सिंह ने कहा कि अगर बारिश का सिलसिला जारी रहा तो नुकसान और बढ़ सकता है। मौसम साफ होने और बारिश थमने की उम्मीद में लोग खेतों में निकलकर स्थिति देख रहे हैं।
प्रभावित किसानों ने फसल की हालत की तस्वीरें और स्थिति का लेखा-जोखा लेकर आगे के कदम पर विचार शुरू कर दिया है। स्थानीय स्तर पर फसल बचाने व सूखने के इंतजामों की चर्चा हो रही है।
आगे क्या होगा
किसान प्रशासन से मुआवजे और राहत के लिए संभावित कदमों पर निगाह रखे हुए हैं। फिलहाल वे मौसम की रिपोर्ट और आगे की बारिश की जानकारी पर ध्यान दे रहे हैं ताकि समय रहते खेतों में जरूरी काम किया जा सके।
स्रोत: अमर उजाला

