नई दिल्ली। NDTV युवा 2026 के मंच पर दो युवा उद्यमियों ने अपनी-अपनी यात्रा सुनाई, जिसमें तकनीक और नवाचार से समस्या हल करने की कहानी थी। डॉ. अंकिता सिन्हा और दीपक रेड्डी ने बताया कि कैसे उन्होंने पहचान कर, रिस्क लेकर और स्टार्टअप बनाकर सफल होने की राह चुनी।
डॉ. अंकिता सिन्हा माइकोबा (MyqoBa) की को-फाउंडर और CMO हैं। उन्होंने पारंपरिक निर्माण के तरीके छोड़कर 3D कंक्रीट प्रिंटिंग पर काम किया। उनकी कंपनी आज देशभर में 650 से ज्यादा स्ट्रक्चर्स का निर्माण कर चुकी है और कंस्ट्रक्शन में गुणवत्ता, लागत और समय पर बेहतर नियंत्रण का लक्ष्य रखती है।
कृषि के लिए मशीनरी और कमाई
दीपक रेड्डी ने खेती से जुड़ी समस्या को अपने स्टार्टअप भौम्या इनोवेशंस के जरिए हल करना शुरू किया। वह किसान परिवार से आते हैं और अपने गृह नगर में बंजर पत्थर वाली जमीन देखकर स्टोन-क्लीयरिंग मशीन बनाई। आंध्र प्रदेश की एक महिला ने यह मशीन खरीदकर रेंटल सर्विस शुरू की और सिर्फ पांच महीने में ₹12,00,000 का राजस्व अर्जित किया।
दोनों उद्यमियों ने कहा कि कई किसानों और ग्रामीण इलाकों में पत्थर जैसी बाधाएँ खेती रोक देती हैं। दीपक का लक्ष्य मैनुअल लेबर की जगह किफायती और इनोवेटिव मशीनों से खेती को आसान व लाभदायक बनाना है।
अंकिता ने बताया कि पारंपरिक मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर बहुत बिखरा हुआ है और इसमें भरोसा जीतना आसान नहीं था। सरकार, गुजरात सरकार और इनक्यूबेटर्स से मिली मदद ने उनके स्टार्टअप की यात्रा को आगे बढ़ाया। दोनों को अदाणी ग्रुप और NDTV के ‘वंदे भारतम’ प्लेटफॉर्म पर चुना जाना अहम सफलता माना गया।
दीपक ने कार्यक्रम में कहा, “अगर कोई युवा किसी काम को लेकर जुनूनी है तो उसे जोखिम उठाने की कोशिश करनी चाहिए, ताकि बाद में ये पछतावा न रहे कि उसने कोशिश ही नहीं की.” उन्होंने आगे कहा, “अगर कोई आप पर भरोसा करे तो मेहनत करके उसके भरोसे को सही साबित करें और अगर कोई भरोसा न करे तो दोगुनी मेहनत करके उसे गलत साबित करें.”
अंकिता ने कहा, “अगर किसी व्यक्ति को अपने काम का ‘Why’ यानी कारण पता है, तो वो उसका ‘How’ यानी तरीका भी खोज सकता है.” उन्होंने युवाओं को सरकारी सहायता, इनक्यूबेटर्स और डिजिटल संसाधनों से फायदा उठाने की सलाह दी।
स्रोत: NDTV

