भागलपुर। भागलपुर‑मईल मार्ग के बांध की तरफ सरयू नदी का पानी बढ़ रहा है। शुक्रवार की दोपहर से नदी का जलस्तर एक मीटर पर स्थिर हो गया है और निचले इलाके पानी से प्रभावित होने लगे हैं।
नदी का पानी गांवों के निचले हिस्सों तक पहुँचना शुरू हो गया है। इससे लोगों और पशुओं को चारे व आवागमन में दिक्कत हो रही है। स्थानीय लोग बाढ़ के नजदीक आते जल से चिंतित हैं और पशुओं के लिये चारे की समस्या बढ़ी है।
सरयू का जलस्तर और गेज
केंद्रीय जल आयोग तुर्तीपार के अधिकारियों ने बताया कि सुबह तक जलस्तर एक सेमी प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ रहा था। इस वृद्धि के बाद जलस्तर में आधा सेमी और बढ़ा और दोपहर के समय वह स्थिर हो गया। आयोग ने शाम चार बजे ब्रिज गेज पर 65.01 मीटर सेमी जलस्तर दर्ज किया।
केंद्रीय जल आयोग तुर्तीपार के जेई स्वप्निल प्रजापति ने कहा, “नदी का जलस्तर दोपहर से स्थिर हो गया है। अगले 24 घंटे में नदी का जलस्तर में कमी होने का अनुमान है। जलस्तर पर निगरानी रखी जा रही है।”
स्थानीय प्रशासन और पानी पर निगरानी रखने वाली टीमें सतर्क हैं। उन्होंने जरूरी जगहों पर पैट्रोल और निरीक्षण बढ़ा दिए हैं। फिलहाल कोई बड़े इलाके में राहत‑बचाव की आधिकारिक मांग नहीं आई है।
बाढ़ प्रभावित इलाकों के लोग घरों के आसपास सामान ऊँची जगह पर रख रहे हैं। कई लोग पशुओं को सुरक्षित स्थानों पर ले जा रहे हैं। प्रशासन ने निवासियों से सतर्क रहने और यदि पानी तेजी से बढ़े तो निर्देशों का पालन करने को कहा है।
आगे के 24 घंटे में जलस्तर घटने की जो सूचना है, उसे देखते हुए प्रशासन और आयोग निगरानी जारी रखेंगे। जरूरत पड़ी तो स्थानीय लोगों को सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित करने की व्यवस्था की जाएगी।
स्रोत: अमर उजाला

