रुद्रपुर। शनिवार की सुबह बथुआ और गोर्रा नदियों के उफान ने रुद्रपुर नगर में कई कॉलोनियों को डुबो दिया है। प्रशासन ने कई निचले इलाकों में निगरानी बढ़ा दी है और लोगों को सतर्क रहने को कहा गया है।
सबसे बड़ी चिंता गोर्रा नदी का बढ़ता जलस्तर है। शनिवार सुबह आठ बजे गोर्रा का जलस्तर 70.60 मीटर रिकॉर्ड किया गया, जो खतरे के निशान 70.50 मीटर से 10 सेंटीमीटर ऊपर है। हालांकि जलस्तर में छह सेंटीमीटर की गिरावट आई है, पर नदी अभी भी लाल निशान से ऊपर बह रही है।
नदी की स्थिति और असर
गोर्रा के बढ़े जलस्तर का असर सहायक नदियों पर भी दिखने लगा है। बथुआ नदी का पानी सेमरौना घाट के पास फैला और रुद्रपुर नगर से सटी कॉलोनियों में जलभराव हो गया। बाढ़ नियंत्रण कक्ष की रिपोर्ट के मुताबिक राप्ती नदी का सुबह आठ बजे का जलस्तर 70.20 मीटर दर्ज हुआ, जबकि इसका खतरे का निशान 70.50 मीटर है।
स्थानीय वार्ड मल्हटोली में होंडा एजेंसी के पीछे पानी भरने से लगभग 25 घरों के लोगों को घर से बाहर आते‑जाते पानी से होकर गुजरना पड़ रहा है। नदी किनारे के निचले इलाकों में रहने वाले लोग चिंतित हैं और कई घरों के द्वार-पहचान पानी में हैं।
एसडीएम राजकुमार गुप्त ने कहा, “नदी का जलस्तर नीचे आने लगा है। जलस्तर के लाल निशान के पार होने से प्रशासन निरंतर निगरानी कर रहा है। कटान स्थलों पर सिंचाई विभाग को मुस्तैदी से नजर रखने का निर्देश दिया गया है।”
प्रशासन ने कटाव वाले क्षेत्रों की पैनी निगरानी रखने के निर्देश दिए हैं और आवश्यकता पड़ने पर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित करने की तैयारी रखी हुई है। लोकल अफसर मौके पर स्थिति को देखकर कदम उठाएंगे।
स्थानीय लोगों से अनुरोध किया गया है कि नदी के किनारे न जाएं और यदि जलभराव बढ़े तो प्रशासन की दी गई चेतावनियों का पालन करें। प्रभावित क्षेत्रों में संपर्क और बचाव के इंतजाम बनाए जा रहे हैं।
स्रोत: अमर उजाला

