देवरिया। लार थाना क्षेत्र के भीखम छपरा गांव में बृहस्पतिवार शाम करीब पांच बजे आरएसएस कार्यकर्ता रामेश्वर तिवारी (55) की लाठी-डंडे से पीटकर हत्या कर देने का मामला सामने आया है। घटना के बाद पुलिस और प्रशासन की उच्चस्तरीय निगरानी में कार्रवाई तेज कर दी गई है।
घटनास्थल का निरीक्षण करने पहुंचे डीआईजी एस चनप्पा ने पीड़ित परिवार से बात की। परिजनों ने बताया कि हमारे परिवार के दो लोगों की हत्या हो चुकी है और एक चालक की भी हत्या कर दी गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसओ सहित चार पुलिसकर्मी निलंबित कर दिए गए हैं।
तलाशी और गिरफ्तारी की कार्रवाई
पुलिस ने आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए चार टीमें गठित की हैं। एहतियात के तौर पर पीएसी सहित कई थानों की फोर्स गांव व आसपास तैनात रखी गई है। पूरी रात टीम अलग‑अलग ठिकानों पर छापेमारी करती रही, लेकिन अभी तक आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया जा सका है।
पत्नी अमृता की तहरीर पर गांव के ही संजय तिवारी, दीपक तिवारी, प्रांजल तिवारी, अभिनीत, आदित्य, निखिल तिवारी व दस अज्ञात के खिलाफ हत्या की प्राथमिकी के साथ कई गंभीर धाराओं में केस दर्ज किया गया है। केस दर्ज होने के बाद पुलिस तीन महिलाओं को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है।
घटना विवाद के चलते ब्रेकर बनवाने को लेकर पुरानी रंजिश बताई जा रही है। रामेश्वर तिवारी भीखम छपरा गांव के निवासी और आरएसएस के कार्यकर्ता थे। घटना के बाद गांव में तनाव बना रहा, इसलिए पुलिस ने भारी बल तैनात किया।
डीआईजी एस चनप्पा ने मौके पर कहा, “कार्रवाई नजीर बनेगी। किसी भी हाल में आरोपी बख्शे नहीं जाएंगे।” प्रशासन ने स्थानीय लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है और कैबिनेट के निर्देशों के अनुसार पूर्ण पारदर्शिता के साथ जांच चलाने की बात कही है।
पुलिस ने आरोपियों की पहचान के लिए सीसीटीवी और अन्य सबूतों की जांच तेज कर दी है। आगे की जांच में पीड़ित परिवार को सूचना देने और इलाके में अतिरिक्त सुरक्षा बरतने का आश्वासन दिया गया है।
स्रोत: अमर उजाला

