शिकोहाबाद। कांशीराम आवास कॉलोनी स्थित कान्हा गोशाला में पशु चिकित्सा विभाग की कथित लापरवाही उजागर हुई है। मैनपुरी रोड पर हुए हादसे में घायल हुए एक गोवंश को 24 सितंबर को गोशाला लाया गया था, लेकिन चार दिन तक उसे किसी प्रकार का उपचार नहीं मिला और वह तड़पता रहा।
मामला सोमवार को तब सामाने आया जब स्थिति बिगड़ी और अधिकारियों तक सूचना पहुंची। पशु चिकित्सक नरेश कुमार के निर्देश पर कर्मचारी राकेश कुमार को गोशाला भेजकर दोपहर करीब ढाई बजे घायल गोवंश का उपचार कराया गया।
लापरवाही के आरोप
गोशाला के केयरटेकर आदित्य और शैलेष ने कहा है कि गोवंश का लगातार उपचार नहीं किया गया और उन्होंने पशु चिकित्सा विभाग की कार्रवाई पर सवाल उठाए। दोनों केयरटेकरों ने विभाग की शिथिलता को स्वीकार किया और इलाज के दावों को खारिज किया।
घटना से गोवंश संरक्षण योजना और प्रशासनिक निगरानी पर भी सवाल उठे हैं। स्थानीय लोग और पशुपालक यह जानना चाहते हैं कि ऐसी स्थिति क्यों बनी और आरोपियों के खिलाफ क्या कार्रवाई की जाएगी।
पशु चिकित्सा विभाग ने बताया कि राकेश कुमार को उपचार के लिए भेजा गया और उन्होंने कहा कि वह प्रतिदिन उपचार करने जा रहा है। वहीं इसी संदर्भ में विभाग ने अगले कदम उठाने और गोशाला में व्यवस्था सुधारने की बात कही है।
आगे क्या होगा
स्थानीय प्रशासन से अब यह अपेक्षा है कि गोशाला में इलाज की नियमित व्यवस्था और निगरानी सुनिश्चित की जाएगी। प्रभावित लोग मांग कर रहे हैं कि घायलों के त्वरित इलाज और जिम्मेदार कर्मियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई हो।
घायल पशु की हालत और विभागीय जांच की स्थिति पर आगे की जानकारी मिलने पर स्थानीय लोगों और पशुपालकों को सूचित किया जाएगा।
स्रोत: अमर उजाला

