गाज़ियाबाद। शहीद नगर के नाले पर बनी पुलिया छह महीने पहले टूट गई थी, लेकिन जिम्मेदार अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाए। लोग लकड़ी के तख्तों से ही नाला पार कर रहे हैं, जिससे रोजाना जान का खतरा बना रहता है।
इस रास्ते पर संकरे तख्तों से रोजाना स्कूल के बच्चे, महिलाएं और बुजुर्ग गुजरते हैं। स्थानीयों के मुताबिक नाले को पार करने में संतुलन बिगड़ा तो सीधे नाले में गिरने का खतरा है। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि कई बार शिकायत करने के बाद भी मरम्मत शुरू नहीं की गई।
प्रभाव और शिकायतें
स्थानीय निवासी हाफिज मूसा ने बताया कि रोजाना एक हजार से अधिक लोगों का पैदल आवागमन होता है। वाहन चालकों को दूसरी ओर जाने के लिए दो से तीन किलोमीटर का अतिरिक्त चक्कर लगाना पड़ता है। प्रदर्शन में लोगों ने नगर निगम, अवर अभियंता और ठेकेदार के खिलाफ नारेबाजी की और तत्काल निर्माण की मांग की।
प्रदर्शनकारी फिरोज खान ने बताया, “नाला पार करते समय बीते दिनों एक बच्चा, एक महिला और एक व्यक्ति गिर चुके हैं।” उन्होंने कहा कि यह पुलिया दिल्ली जाने का सबसे छोटा रास्ता है और इसके बंद होने से सीमापुरी डिपो तक पहुंचने में करीब 15 मिनट अधिक लगते हैं।
स्थानीय निवासी गुड्डू ने खुले में रखा ट्रांसफार्मर भी खतरनाक बताया। उनके अनुसार कुछ दिन पहले ट्रांसफार्मर में आग भी लगी थी। ट्रांसफार्मर शिफ्ट करने के लिए स्लिप तैयार कर ली गई थी, लेकिन अब तक स्थानांतरण नहीं हुआ है।
स्थानीय निवासी इंद्रजीत पाल ने कहा कि करीब पांच महीने से नगर निगम में लगातार शिकायत कर रहे हैं, पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। प्रदर्शन में कुछ लोगों ने ठेकेदार पर देरी के आरोप लगाए और काम जल्द पूरा करने की मांग की।
अधिकारियों ने कहा कि ठेकेदार की लापरवाही के चलते काम देरी से चल रहा है। “-एनके चौधरी, मुख्य अभियंता, निर्माण विभाग टीम को भेजकर सर्वे कराया जाएगा। समस्या होने पर जल्द से जल्द समाधान कराया जाएगा।” “-बृजेश कुमार, मुख्य अभियंता, ऊर्जा निगम जोन तीन”
स्रोत: अमर उजाला

