गोरखपुर। शनिवार को पूरे दिन तेज हवा के साथ हुई मूसलाधार बारिश ने महानगर की जलनिकासी व्यवस्था उजागर कर दी। नगर निगम के अर्बन फ्लड मैनेजमेंट सिस्टम के ऑटोमेटिक रेन गेज ने डेढ़ घंटे में 150 एमएम बारिश दर्ज की।
इतनी तेज बारिश के बाद महानगर के लगभग सभी वार्डों की सड़कें और बाजार जलमग्न हो गए। कई जगह नालियों का गंदा पानी घरों और दुकानों में घुस गया। जिला अस्पताल की ओपीडी और डॉक्टरों के चेंबर तक पानी पहुंच गया और मरीज व तीमारदार पानी में से गुजरते नजर आए।
कहाँ-कहाँ भरा पानी
गोलघर मुख्य मार्ग, तारामंडल, बेहरामपुर-इलाहीबाग, तिवारीपुर थाना रोड, शिवाजी नगर, फुलवरिया, शक्तिनगर व बशारतपुर समेत कई प्रमुख मार्ग और बाजार घंटों पानी में डूबे रहे। धर्मशाला अंडरपास, गोरखनाथ फ्लाईओवर के नीचे और कई स्कूल रोड पर भी जलभराव हुआ। कई बड़ी नालियां ओवरफ्लो होने से गंदा पानी घरों व दुकानों तक पहुंचा।
रुस्तमपुर के पुराने मोहल्ले की दुर्गा मंदिर गली में करीब एक फुट पानी भर गया। विवेकानंदपुरी, दाऊदपुर, लोकनायक गली, चंद्रशेखर आजाद चौक और बुद्ध विहार में लोग घरों में पानी से जूझे। गोपलापुर गांव की सड़क पर भी करीब एक फुट पानी रहा।
नगर निगम ने बारिश तेज होते ही सभी पंपिंग स्टेशनों को चालू कर दिया और प्रभावित क्षेत्रों से पानी निकलवाने के लिए पंप लगातार लगाए गए। नगर आयुक्त अजय जैन ने महेवा गल्ला मंडी का भी निरीक्षण कर अतिरिक्त पंपिंग सेट भेजने के निर्देश दिए।
व्यापारी संजय सिंघानिया ने बताया कि महेवा मंडी में कई दुकानों में पानी भर गया और व्यापारियों को नुकसान हुआ। व्यापारियों ने स्थायी जलनिकासी व्यवस्था, पर्याप्त पंपिंग सेट और बिजली की वैकल्पिक व्यवस्था की मांग उठाई। विजय कुमार सोनकर व पवन सिंहानियां ने भी नुकसान की बात कही।
वार्ड संख्या 72 सिविल लाइंस के पार्षद देवेंद्र कुमार गौड़ पिंटू ने नगर आयुक्त से इंदिरा नगर पुलिया और पैडलेगंज बुद्धद्वार स्थित सीवरेज पंपिंग स्टेशन के पास नाले पर बने अवरोधों को तुरंत हटाने की मांग की। वे कहते हैं कि पुलिया संकरी करने और नाले पर बीम-स्लैब बनने से जलनिकासी बाधित हो रही है।
असर और आगे क्या होगा
लालडिग्गी, हाल्सीगंज, घंटाघर, रायगंज व कई कॉलोनियों में करीब 3,000 परिवारों के घरों में पानी भर गया। कई स्थानों पर दोपहिया व चारपहिया वाहन पानी में फंस गए और लोगों को घुटनों तक पानी में होकर आवागमन करना पड़ा। नगर निगम ने प्रभावित इलाकों में अतिरिक्त संसाधन लगाने और नालियों की सफाई का काम तेज करने का निर्देश दे दिया है।
स्रोत: अमर उजाला

