जौनपुर। तीन दिन चल रही बारिश और तेज हवा के बीच शुक्रवार रात से शहर की बिजली व्यवस्था बिगड़ गई। कई फीडर एक साथ ट्रिप होने और जगह-जगह फॉल्ट आने से शहर के बड़े हिस्से में 16 से 22 घंटे तक बिजली गुल रही।
तारापुर कॉलोनी की हालत सबसे खराब रही। यहां पिछले 48 घंटे में लोगों को महज दो-तीन घंटे बिजली मिली। शुक्रवार रात ट्रांसफार्मर खराब होने के बाद शनिवार शाम तक आपूर्ति ठप रही।
कहा-कहा असर पड़ा
तेज हवा व बारिश से तारापुर कॉलोनी, पॉलीटेक्निक चौराहा, नईगंज, रूहट्टा, कोतवाली, शेखपुर, जहांगीराबाद, मुरादगंज, टीचर्स कॉलोनी, बदलापुर पड़ाव और मछलीशहर पड़ाव के आसपास बिजली प्रभावित रही। कई जगह पेड़ों की डालियां तारों पर गिरने से 11 केवी और एलटी लाइनों में फॉल्ट आया। कुछ स्थानों पर ट्रांसफार्मर भी खराब हो गए।
पॉलीटेक्निक चौराहा के पास कृषि भवन और रूहट्टा में तारों पर पेड़ की डालियां गिरने से आपूर्ति शुक्रवार रात करीब बारह बजे से शनिवार सुबह चार बजे तक बाधित रही। शेखपुर और रोडवेज के आसपास सुबह सात बजे से शाम चार बजे तक बिजली नहीं आई।
खेतासराय में गुरुवार रात बिजली जाने के बाद शनिवार तक करीब 30 घंटे आपूर्ति प्रभावित रही। बरईपार के बाजार और आसपास के दर्जनों गांवों में लगभग 36 घंटे बिजली ठप रही, जिससे दुकानदार और घरेलू कामकाज बाधित हुए। मीरगंज में मेन लाइन के फॉल्ट से जुड़ी उपकेंद्र रुकने से 72 गांव अंधेरे में रहे और नलकूप बंद हो गए।
जेई संजय कुमार प्रजापति ने बताया कि मेन सप्लाई में ब्रेकडाउन और तारों पर डालियां गिरने से फॉल्ट हुआ। जेई सर्वेश दुबे ने कहा कि मरम्मत में पानी होने से दिक्कत आ रही है और टीमें मौके पर काम कर रही हैं। एसके सिन्हा ने तारापुर कॉलोनी में खराब ट्रांसफार्मर को समस्या का कारण बताया।
बिजली बंद होने से घरों में पानी की किल्लत पैदा हो गई। लोग नलकूप और सबमर्सिबल नहीं चला पाए और कई परिवारों को पानी खरीदना पड़ा। मोबाइल, इन्वर्टर और अन्य जरूरी उपकरण चार्ज न होने से परेशानियां बढ़ीं।
विद्युत विभाग की टीमें बारिश के बीच फॉल्ट तलाश कर रही हैं और अधिकतर स्थानों पर शाम चार बजे तक आपूर्ति बहाल कर दी गई। प्रभावित इलाकों में फीडरों और ट्रांसफार्मरों की हालत जांचने के बाद मरम्मत का काम जारी रहेगा।
स्रोत: अमर उजाला

