गोरखपुर। 24 सितंबर को बाइक की टक्कर और उसके बाद हुए ईंट-पत्थर के हमले में घायल हुए किसान रामफल निषाद (50) की शनिवार रात इलाज के दौरान मौत हो गई। रामफल को गंभीर हालत में बीआरडी मेडिकल कॉलेज ले जाया गया था जहाँ रात करीब 9:50 बजे उनकी मृत्यु हो गई।
रामफल बेलीपार थाना क्षेत्र के महावीर छपरा निवासी थे। पुलिस के मुताबिक वह 24 सितंबर की रात करीब सात बजे गड़वापार से घर लौट रहे थे। डीएन पब्लिक स्कूल के आगे मुर्गे की दुकान के पास राजू भारती और रामा भारती ने उनकी मोटरसाइकिल को टक्कर मारी। विरोध करने पर आरोपियों ने गाली-गलौज की और ईंट-पत्थर से उनके सिर पर हमला कर दिया।
परिजनों का रोष और प्रदर्शन
पोस्टमार्टम के बाद परिजनों ने शव महावीर छपरा चौराहे पर रखकर राष्ट्रीय राजमार्ग जाम कर दिया। जाम करीब 45 मिनट तक चला, जिससे यातायात प्रभावित रहा। परिजन चाहते थे कि आरोपियों के खिलाफ हत्या की धारा में प्राथमिकी दर्ज की जाए।
बेलीपार पुलिस ने रामफल के बेटे संदीप निषाद की तहरीर पर पहले प्राथमिकी दर्ज की थी। वह प्राथमिकी वर्तमान में ‘लापरवाही से वाहन चलाने’ की धारा में दर्ज थी। उस रिपोर्ट में लापरवाही से मौत का कारण बनने और शांति भंग करने के इरादे से जानबूझकर अपमान करने की धाराएँ भी शामिल थीं। परिजन इस अवधि से असंतुष्ट थे और इसे हत्या का मामला बताते रहे।
बांसगांव सीओ अनुज कुमार सिंह ने मौके पर आकर परिजनों को आश्वासन दिया कि मामले में हत्या की धारा बढ़ाने पर विचार किया जाएगा। सीओ का आश्वासन मिलने के बाद परिजन शांत हुए और जाम खोल दिया।
स्थानीय लोग बताते हैं कि घटना के बाद इलाके में तनाव बना रहा। परिजन अब पुलिस कार्रवाई और न्याय की मांग पर अड़े हुए हैं। मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई और आरोपियों के खिलाफ मिस्ड धारा बदले जाने की प्रक्रिया जारी रहेगी।
स्रोत: अमर उजाला

