गोरखपुर। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने शनिवार को गोरखपुर जिले और महानगर की पूरी इकाई तत्काल प्रभाव से भंग कर दी। यह कदम उस विवाद के एक दिन बाद उठाया गया जो शुक्रवार की प्रेस वार्ता के दौरान हुआ था।
पार्टी के जारी निर्देश में कहा गया है कि जिला अध्यक्ष, महानगर अध्यक्ष सहित पूरी जिला कार्यकारिणी और महानगर कार्यकारिणी भंग की जा रही हैं। साथ ही फ्रंटल संगठन और राज्य-प्रदेश कार्यकारिणी में गोरखपुर के सभी पदाधिकारियों को भी तत्काल प्रभाव से हटा दिया गया।
घटना का क्रम
मामला शुक्रवार की प्रेस वार्ता के दौरान भड़का। गोरखपुर ग्रामीण से विधानसभा चुनाव में सपा से दावा करने वाले अंशुमान सिंह और पूर्व जिलाध्यक्ष नगीना साहनी के बीच कहासुनी हुई। इसी बीच अंशुमान के बेटे ने नगीना साहनी को थप्पड़ मार दिया। मौजूद लोगों ने बीचबचाव कर मामला शांत करवाया।
घटना की सूचना पार्टी के राष्ट्रीय नेतृत्व को दी गई। शाम तक अंशुमान सिंह को पार्टी से निष्काषित कर दिया गया था। इसके अगले दिन पार्टी ने गोरखपुर जिले की सभी कार्यकारिणियों को भंग करने का आदेश जारी किया।
स्थानीय कार्यकर्ता और पदाधिकारी फिलहाल असमंजस में हैं क्योंकि भंग किए गए पदाधिकारियों की सूची और आगे की कार्यवाही के बारे में विस्तृत जानकारी अभी सार्वजनिक नहीं की गई है।
पार्टी के इस कदम के बाद गोरखपुर इकाई में नियुक्तियों और पुनर्गठन को लेकर उत्सुकता बढ़ गई है। इस मामले में जिला स्तर पर नई कमान किस प्रकार चुनी जाएगी, इसकी जानकारी मिलने बाकी है।
स्रोत: अमर उजाला

