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गोरखपुर: प्रेस कॉन्फ्रेंस में सपा कार्यकर्ताओं की झड़प, पूर्व जिलाध्यक्ष को थप्पड़

घटना गोरखपुर जर्नलिस्ट्स प्रेस क्लब में हुई; वीडियो वायरल हो गया है और जिले के जिलाध्यक्ष ब्रिजेश कुमार गौतम ने कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

गोरखपुर

गोरखपुर। समाजवादी पार्टी की प्रेस वार्ता के दौरान रविवार को गोरखपुर जर्नलिस्ट्स प्रेस क्लब में हंगामा हो गया और मंच पर बैठे सपा के कुछ कार्यकर्ताओं में हाथापाई हो गई। बैठक ‘लोकतंत्र बचाओ सप्ताह’ एवं ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ अभियान को लेकर चल रही थी, जब विवाद शुरू हुआ।

प्रेस क्लब में जगह को लेकर चला विवाद इतना बढ़ गया कि पूर्व जिलाध्यक्ष नगीना साहनी के साथ मारपीट हुई और उन पर थप्पड़ मारने का आरोप लगाया गया है। घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर फैल गया है, जिसमें अंदर की पूरी नौबत दिखाई दे रही है।

प्रेस वार्ता का माहौल बिगड़ा

वार्ता का आयोजन सपा जिलाध्यक्ष ब्रिजेश कुमार गौतम की ओर से किया गया था। कार्यक्रम में सपा महानगर अध्यक्ष सबीर कुरैशी, पूर्व जिलाध्यक्ष प्रहलाद यादव, पूर्व जिलाध्यक्ष अवधेश यादव, पूर्व विधायक विजय बहादुर यादव, काजल निषाद, संजय पहलवान, पूर्व दर्जा प्राप्त मंत्री डॉ. मोहसिन, जय प्रकाश यादव और रणजीत पासवान समेत कई वरिष्ठ पदाधिकारी मौजूद थे।

बताया गया है कि अंशुमान सिंह के पुत्र कमलेश प्रेस क्लब आए और वे काजल निषाद के बगल में बैठने का प्रयास करने लगे। वहां जगह न होने के कारण उनकी बातचीत पूर्व जिलाध्यक्ष नगीना साहनी से शुरू हुई और दोनों के बीच तीखी कहासुनी हो गई। तभी विवाद हाथापाई में बदल गया। घटना के दौरान कुछ लोगों ने अभद्र भाषा का भी प्रयोग किया।

जिस समय जिलाध्यक्ष ब्रिजेश कुमार गौतम मीडिया के सामने लोकतंत्र बचाने और वोट बचाने के मुद्दे पर बोल रहे थे, उसी समय भीतर की घटना ने प्रेस वार्ता का रुख बदल दिया और राजनीतिक कार्यक्रम पीछे छूट गया।

प्रकरण के बाद जिलाध्यक्ष ब्रिजेश कुमार गौतम ने इस घटना को निंदनीय बताया और कहा कि पूरे मामले की जानकारी समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष को दी जाएगी तथा ऐसे असामाजिक तत्वों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की जाएगी। सूचना मिलते ही भारी संख्या में पुलिस भी पहुंच गई, लेकिन घटना के खिलाफ अभी तक किसी तरफ से पुलिस को तहरीर नहीं दी गई है।

घटना का वायरल वीडियो और अंदर की तस्वीरें स्थानीय सियासी माहौल और पार्टी के भीतर चल रहे मतभेदों पर सवाल उठा रही हैं। आगे की कार्रवाई और पुलिस की जांच का इंतजार है।

स्रोत: अमर उजाला

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Vikas Kumar

Vikas Kumar

कई वर्षों से समाचार, योजना, रोजगार इत्यादि मामलों से जुड़े कार्यों में संलग्न।