राठ। सीने में असहनीय दर्द से परेशान 45 वर्षीय महिला शीला शुक्रवार तड़के अपने मायके के बाहर जान देने के लिए कुएं में कूद गईं, पर वह अपना दर्द भूलकर मौत के डर से करीब चार घंटे तक कुएं में तैरती रहीं। परिजन और पड़ोसी जब उन्हें कुएं में तैरते देखे तो मदद के लिए लगे, लेकिन अकेले उन्हें बाहर निकालना संभव नहीं हुआ।
जानकारी के अनुसार शीला अतरौलिया मोहल्ला की निवासी राजबहादुर कुशवाहा की बेटी हैं और उनकी ससुराल महोबा में है। वह इलाज के लिए करीब एक पखवाड़े पहले मायके आई थी। देर रात या तड़के करीब चार बजे अचानक तेज दर्द से परेशान होकर उन्होंने 55 फीट गहरे कुएं में, जिसमें लगभग 35 फीट पानी भरा था, कूदने का निर्णय लिया।
रेस्क्यू ऑपरेशन और प्रतिक्रिया
परिजन, पड़ोसी और रिश्तेदारों ने उन्हें समझाने और रस्सी डालकर बाहर निकालने की कोशिश की, लेकिन सफलता नहीं मिली। सूचना मिलने पर पुलिस, नगर पालिका और फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची। आपदा राहत टीम के मुबीन अहमद ने कुएं में उतरकर लंबी मशक्कत के बाद शीला को बाहर निकाला। टीम ने कुल मिलाकर करीब साढ़े तीन घंटे का रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया।
रेस्क्यू के बाद शीला को तुरंत सीएचसी पहुंचाया गया जहाँ प्राथमिक देखभाल की गई। कोतवाली प्रभारी अनूप सिंह ने कहा, “महिला बीमारी के चलते तनाव में थी। इसलिए जान देने के लिए कुएं में कूद गई थी।” उन्होंने बताया कि अब शीला ठीक है और उन्हें समझाया गया है।
परिवार ने बताया कि शीला की एक बेटी है जिसकी शादी हो चुकी है। आसपास के लोग और पड़ोसी भी घटना से चिंतित हैं और उन्होंने कहा कि अगली बार ऐसी स्थिति में पहले डॉक्टर या मोबाइल मेडिकल सहायता बुलानी चाहिए।
अधिकारियों ने कहा कि तनाव व बीमारी की स्थिति में स्थानीय स्वास्थ्य केंद्र व पारिवारिक सदस्यों को सतर्क रहने की जरूरत है। मामले की आगे की जांच और मरीज की संभाल संबंधित स्वास्थ्य विभाग कर रहा है।
स्रोत: अमर उजाला

