मौदहा (हमीरपुर)। लगातार बारिश के बाद रविवार को मौसम साफ होते ही ऐतिहासिक कंस मेले में रौनक लौट आई। मेले के मैदान और प्रमुख मार्गों पर लोग सुबह से ही जमा दिखे और दुकानें भी खुल गईं।
मेले में झूलों, दुकानों और खाने-पीने के स्टॉलों पर भीड़ थी। बच्चों ने झूलों और कॉटन कैंडी का आनंद लिया। हालांकि प्रस्तावित दंगल कार्यक्रम में दूर-दराज से आने वाले पहलवान नहीं पहुंच पाए, इसलिए दंगल रद्द कर दिया गया।
सांस्कृतिक कार्यक्रम और आयोजन व्यवस्था
गुड़ाही बाजार स्थित मुख्य मंच पर सांस्कृतिक संध्या आयोजित की गई। झांसी, कानपुर और लखनऊ के कलाकारों ने लोकनृत्य और संगीत की प्रस्तुतियां दीं, जिन पर दर्शक देर रात तक नाचते और गाते रहे। कार्यक्रम अध्यक्ष विपुल गुप्ता और आयोजन समिति के सदस्य व्यवस्थाओं में लगे रहे।
दंगल रद्द होने की वजह बताते हुए दंगल आयोजक बसंत सोनी ने कहा, “पहलवानों के नहीं आने के कारण दंगल कार्यक्रम निरस्त करना पड़ा।” आयोजकों ने भीड़ और मौसम की स्थिति को ध्यान में रखते हुए निर्णय लिया।
बारिश से प्रभावित रहने वाले दुकानदारों और विक्रेताओं को रविवार को राहत मिली। कई स्टॉलों पर खरीदार लौटे और बिक्री में बढ़ोत्तरी देखी गई। कॉटन कैंडी विक्रेता सुनील ने कहा, “मौसम साफ होने से बिक्री बढ़ी है।”
स्थानीय लोग और आने वाले पर्यटक मेले की रंगत से खुश नजर आए। आयोजक आवश्यक सुविधाएं और साफ-सफाई सुनिश्चित करते रहे ताकि आने वाले दिन भी मेले का क्रम योजनाबद्ध तरीके से चलता रहे। अगले दिनों भी सांस्कृतिक और व्यावसायिक गतिविधियां चलने की संभावना है।
स्रोत: अमर उजाला

