मौदहा (हमीरपुर)। करीब 40 घंटे तक लगातार मूसलाधार बारिश से मौदहा तहसील में जनजीवन ठप्प हो गया। नदी-नालों के उफान से कई जगहों पर जलभराव और आवागमन बाधित हुआ।
राजस्व निरीक्षक आनंद प्रकाश गुप्ता ने कहा, “अभी तक 250 कच्चे घर गिरने की सूचना मिली है।” इचौली, फत्तेपुरवा, गुरदहा, पढ़ोरी, किसवाही और परा लदार सहित 25 से अधिक गावों की सड़कों पर पानी बहता रहा।
राहत और मुआवजा प्रयास
कपसा-उरदना मार्ग पर श्याम नाला तथा सिजवाही-टिकरी मार्ग पर भी सड़क के ऊपर पानी बहने से आवागमन प्रभावित रहा। कई स्थानों पर ग्रामीणों को पानी कम होने तक रुकना पड़ा। उपजिलाधिकारी ने पढ़ोरी और बड़ेडी नाला क्षेत्र का निरीक्षण किया और ग्रामीणों से उनकी समस्याएं सुनीं।
कपसा नहर अंडरपास में जलभराव की शिकायत पर एसडीएम मौके पर पहुंचे। एसडीएम करनवीर सिंह ने कहा, “बारिश और बाढ़ से प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।” उन्होंने नहर विभाग के जेई से फोन पर बात कर अंडरपास से जल्द पानी निकासी की व्यवस्था कराने के निर्देश दिए।
क्षेत्रीय प्रशासन ने जलभराव वाले स्थानों पर संबंधित विभागों को पानी निकासी की व्यवस्था करने के आदेश दिए हैं। अधिकारियों का कहना है कि नदी-नालों का जलस्तर धीरे-धीरे घट रहा है और स्थिति में सुधार दिख रहा है।
स्थानीय लोगों का जीवन प्रभावित हुआ है। कई किसान अपने घरों और एस्थायी कच्चे मकानों से बाहर चले गए हैं। लोग जलस्तर घटने पर ही अपने स्थानों पर लौटने की तैयारी कर रहे हैं।
आगे की कार्रवाई
प्रशासन ने प्रभावित इलाकों में निगरानी तेज कर दी है और विभागों को राहत व निकासी का काम पूरा करने के निर्देश दिए हैं। जिन ग्रामीणों के घर ढहे हैं, उनकी सूची बनाकर आगे की मदद का निर्णय लिया जाएगा।
स्रोत: अमर उजाला

