राठ। गायत्री शक्ति पीठ में शनिवार से पितृ पूजन अनुष्ठान और श्रीमद्भागवत कथा का शुभारंभ हुआ। पूजा‑अनुष्ठान के बाद कलश यात्रा भी निकाली गई।
कथा का संचालन कथा व्यास कुमार स्वामी ने किया। आयोजकों ने बताया कि कथा से पहले देव आवाहन, पूजन और सामूहिक पितृ तर्पण कराया गया ताकि विधि विधान के साथ कार्यक्रम शुरू हो सके।
कुमार स्वामी के विचार
कथा व्यास कुमार स्वामी ने कलयुग के प्रभाव का वर्णन किया और भागवत की महत्ता बताई। उन्होंने कहा, “भागवत कथा भक्ति प्रदान करती है।” उन्होंने आगे कहा, “कलयुग में अधर्म बढ़ रहा है, सत्य, तप, दया और दान का लोप हो रहा है। पाखंडी साधु संतों का रूप धारण कर रहे हैं, जो स्त्री और धन का संग्रह करते हैं। घरों में स्त्रियों का राज है, साले सलाहकार बन गए हैं, और लोग लोभ में कन्या विक्रय कर रहे हैं।”
कथा कार्यक्रम में समाज के लोग, ग्रामीण और स्थानीय श्रद्धालु शामिल रहे। आयोजन में धार्मिक गीत और भजन भी प्रस्तुत किए गए। कई महिलाओं और वृद्ध लोगों ने पितृ तर्पण में भाग लेकर अपने पूर्वजों की शांति के लिए प्रार्थना की।
यजमान के रूप में लक्ष्मण लाल त्रिपाठी, नीलम, मैयादीन गुप्त और रानी सोनी उपस्थित रहे और उन्होंने पूजा‑कार्य में योगदान दिया। आयोजक बताते हैं कि कथा कुछ दिनों तक चलेगी और प्रतिदिन शाम को उपदेश व भजन होंगे।
आगे क्या होगा
कथा के दौरान स्वास्थ्य व सुरक्षा के इंतजाम रखे गए हैं ताकि श्रद्धालु आराम से हिस्सा ले सकें। जो लोग भाग लेना चाहते हैं वे गायत्री शक्ति पीठ में रोज शाम को पहुंच सकते हैं। आगामी दिनों में शांतिदूत व विशेष समारोह भी आयोजित किए जाने की जानकारी दी गई है।
स्रोत: अमर उजाला

