हाथरस। कोतवाली हाथरस गेट इलाके के गांव नगला सिंघी में शुक्रवार रात एक साल की बच्ची को किसी ने घायल हालत में खेत में फेंक दिया। परिजन और पुलिस की खोजबीन के बाद सुबह करीब पांच बजे उसे जिला अस्पताल लाया गया, जहां से हालत गंभीर देखते हुए आगरा रेफर कर दिया गया।
नगला सिंघी निवासी प्रवेन्द्र की बेटी हर्षिता देर रात घर के बाहर अपनी बुआ छाया के पास सो रही थी। करीब एक बजे छाया ने देखा कि बच्ची पास नहीं है और परिवार ने तलाश शुरू की। शोर सुनकर पड़ोसी भी जुट गए और लगभग दो बजे पुलिस को सूचना दी गई।
घटनाक्रम और जांच
कोतवाली पुलिस ने शुरुआती खोज में कोई सुराग न मिलने पर डॉग स्क्वाड बुलाया। पुलिस ने बताया कि बच्चे के कपड़े सूंघाने के बाद कुत्ते ने संकेत दिया और घर से लगभग 150 मीटर दूर धान के खेत में बच्ची पड़ी मिली। बच्ची के गले पर गहरा व लंबा घाव था, जिससे ऐसा प्रतीत हुआ कि किसी ने गला रेतने की कोशिश की।
परिजन और पुलिस ने सुबह बच्ची को जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां उसकी हालत गंभीर नज़र आई। डॉक्टरों ने उसे और उपचार के लिए आगरा रेफर कर दिया। पिता प्रवेन्द्र ने बताया कि बच्ची अस्पताल में भर्ती है और उसकी हालत गंभीर बनी हुई है।
परिवार फिलहाल असमंजस की स्थिति में है और किसी पर आरोप नहीं लगाया गया है। घटना के पीछे किसी करीबी के हाथ होने का शक जताया जा रहा है। पुलिस ने पति-पत्नी के बीच पिछले छह महीने से चल रहे विवाद और गायत्री के अलग रहने की बात को भी अपनी जांच में शामिल किया है। परिवार ने अभी तक औपचारिक शिकायत दर्ज नहीं कराई है।
पुलिस अधिकारी ने कहा कि जांच जारी है और चोट कैसे लगी तथा बच्ची खेत तक कैसे पहुंची, इसकी छानबीन की जा रही है। “बच्ची सकुशल है। उसके गले पर चोट बताई जा रही है। यह चोट किस तरह लगी और बच्ची झाड़ियों तक कैसे पहुंची, इसकी जांच कराई जा रही है। परिवार की ओर से अभी कोई शिकायत नहीं मिली है।” -हिमांशु माथुर, सीओ सिटी
परिजन फिलहाल बच्ची के उपचार में लगे हुए हैं और पुलिस ने पूरे इलाके में पूछताछ व साक्ष्य जुटाने की प्रक्रिया तेज कर दी है। आगे की कार्रवाई के बारे में परिवार और पुलिस की ओर से अपडेट मिलते रहेंगे।
स्रोत: अमर उजाला

