झांसी। शहर के बैंक ऑफ बड़ौदा, मेडिकल कॉलेज शाखा के एटीएम बूथ में एक अनोखा फ्रॉड पकड़ा गया है। ग्राहक जब नकदी निकाल कर चला जाता था तो रकम मशीन के अंदर फंस जाती थी और बाद में कोई संदिग्ध उसे निकाल ले जाता था।
बैंक को एटीएम से नकदी नहीं मिलने की कुल सात शिकायतें मिलीं। बैंक अधिकारी मौके पर पहुंचे और कैश निकलने वाली ट्रे पर जांच की। वहां ट्रे के ऊपर गोंद से चिपकी हुई बेहद पतली स्ट्रिप मिली जिसे साधारण नज़र में देख पाना मुश्किल था।
कैसे होती थी वारदात
सीसीटीवी फुटेज की पड़ताल में एक युवक एटीएम पर स्ट्रिप चिपकाते हुए दिखाई पड़ा। जब कोई ग्राहक पैसे निकालता तो नोट उसी स्ट्रिप में फंस जाते। ग्राहक कुछ समझे बिना वहां से चला जाता और थोड़ी देर बाद कार्रवाई करने वाला व्यक्ति आकर फंसी नकदी निकाल लेता। फिर वह व्यक्ति स्ट्रिप को वहीं वापस लगा देता था।
पुलिस के अनुसार यह शातिर तरीका 9 अगस्त से 1 सितंबर के बीच कई बार अपनाया गया होगा। बैंक शाखा प्रबंधक सतीश कुमार ने भी कई ग्राहकों की शिकायतें आने की बात बतायी। बैंक ने नवाबाद थाने में प्राथमिकी कराई और मामले की जांच पुलिस को सौंप दी।
पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज के आधार पर संदिग्ध युवक का पोस्टर जारी कर उसकी तलाश तेज कर दी है। जांच में यह भी जानकारी मिली कि इसी तरह की जालसाजी करने वाला एक गिरोह भोपाल में सक्रिय था। जुलाई में भोपाल पुलिस ने इस गिरोह के छह सदस्य पकड़े थे और आरोप है कि वे 22 एटीएम मशीनों में स्ट्रिप लगाकर नकदी फंसाते थे।
पुलिस स्थानीय अन्य एटीएम बूथों की भी तलाशी ले रही है ताकि यह पता चल सके कि इस मॉडल से और कहीं वारदात हुई है या नहीं। संदिग्ध की पहचान और गिरफ्तारी के लिए साइबर डाटा बेस की मदद भी ली जा रही है।
“संदिग्ध की तस्वीर सार्वजनिक कर दी गई है और उसकी तलाश जारी है,” – विकास कुमार, एसएसपी
स्रोत: अमर उजाला

