झांसी। उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम के झांसी परिक्षेत्र में तैनात संविदा चालक और परिचालकों को लेकर विभाग सख्त हुआ है। पिछले तीन से चार माह से बिना अनुमति अनुपस्थित रहने वाले कई परिचालकों पर कार्रवाई करने के लिए नोटिस जारी कर दिए गए हैं।
परिक्षेत्र के झांसी और उरई डिपो से बस परिचालन होता है। नियमित कर्मचारियों के साथ समय-समय पर आउटसोर्स और संविदा परिचालक नियुक्त किए जाते हैं। इसके बावजूद कई ऐसे आउटसोर्स व संविदा परिचालक हैं जो तैनाती के बाद तीन से चार माह बीतने के बावजूद ड्यूटी पर नहीं लौटे।
कितने कर्मचारी और क्या कार्रवाई
क्षेत्रीय प्रबंधक रोडवेज उमेश चंद्र सिंह आर्य ने बताया कि अनुपस्थित परिचालकों और चालकों की सूची तैयार कर ली गई है। झांसी और उरई डिपो मिलाकर करीब 200 चालक और परिचालक चिन्हित किए गए हैं। विभाग ने इनमें से करीब 40 प्रतिशत कर्मचारियों को नोटिस जारी किए हैं।
नोटिस में कहा गया है कि यदि उनका जवाब संतोषजनक नहीं पाया गया तो उनकी सेवा समाप्त करने की कार्रवाई की जाएगी। जिन परिचालकों ने न तो विभाग से छुट्टी ली और न ही इस्तीफा दिया है, उन पर यह कदम उठाया जा रहा है।
डिपो स्तर पर खाली पड़ी ड्यूटी से बस परिचालन और समय सारिणी प्रभावित हो सकता है। विभाग का कहना है कि लगातार अनुपस्थिति से यात्रियों को नियमित सेवाओं में परेशानी हो सकती है और इसके असर को रोकने के लिए सख्ती आवश्यक है।
स्थानीय सहायक और एडमिन टीम अब अनुपस्थित कर्मियों के जवाबों की समीक्षा कर रही हैं। जिन कर्मचारियों को नोटिस मिला है, उन्हें निर्धारित समय में जवाब देना होगा। संतोषजनक उत्तर न मिलने पर अगले कानूनी और प्रशासनिक कदम उठाए जाएंगे।
डिपो कर्मचारियों और परिचालन प्रभारी लोगों से कहा गया है कि वह अपने प्रभावित रूट और ड्यूटी की जानकारी विभाग को तुरंत दें ताकि यातायात व्यवस्था प्रभावित न हो।
स्रोत: अमर उजाला

