झांसी। रविवार को नवीन गल्ला मंडी में भारतीय किसान यूनियन की ओर से किसान महापंचायत आयोजित की गई। महापंचायत में राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने किसानों की समस्याओं और सरकार से मांगे रखीं।
टिकैत ने सबसे पहले फसलों को बेमौसम बारिश से हुए नुकसान की बात उठायी। उन्होंने कहा कि ऐसे नुकसान की भरपाई सरकार की जिम्मेदारी है और सरकार या तो मुआवजा दे या प्रभावित किसानों को रोजगार उपलब्ध कराये। जमीन अधिग्रहण के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि किसानों को अभी वर्ष 2013 के आधार पर जमीन की कीमत दी जा रही है।
टिकैत ने स्पष्ट मांग की कि “यदि सरकार को किसानों की जमीन चाहिए तो उसका बाजार भाव का चार गुना मुआवजा दिया जाए”। महापंचायत में एकजुटता की भी अपील की गयी और समय-समय पर उठ रहे कृषि विवादों का त्वरित समाधान मांगा गया।
बिजली व कर्ज के मुद्दे
इस मौके पर बिजली के निजीकरण पर भी आगाह किया गया। टिकैत ने कहा, “यदि बिजली क्षेत्र को निजी हाथों में सौंपा गया तो किसान आंदोलन करेंगे”। उन्होंने किसानों के कर्ज माफी की भी मांग उठायी और कहा कि कर्ज दबाव से किसान आत्महत्या के कगार पर पहुँच रहे हैं।
महापंचायत में मौजूद किसानों ने स्थानीय और जिले से जुड़ी अन्य समस्याओं पर भी चर्चा की। मिट्टी, बीज व पानी से जुड़ी शिकायतों के साथ-साथ बाजार तक उपज पहुँचाने के रास्तों में बाधाओं का जिक्र किया गया। आयोजकों ने कहा कि इन बातों को लेकर आगे भी दबाव और संगठनात्मक कदम उठाये जायेंगे।
स्थानीय किसान नेता और प्रतिभागियों ने मांगों को नोट कर प्रशासन तक पहुँचाने का आग्रह किया। परिजनों और छोटे किसान समुदाय ने कहा कि अगर मांगें नहीं मानी गईं तो भविष्य में कड़ी रणनीति अपनायी जाएगी। आगामी दिनों में किसान संगठन द्वारा आगे की रणनीति और अगली बैठक की तारीखों की सूचना दी जाएगी।
स्रोत: अमर उजाला

