झांसी। 24 से 26 सितंबर तक मंडल के तीन जिलों झांसी, जालौन और ललितपुर में हुई भारी बारिश ने बिजली व्यवस्था को बुरी तरह प्रभावित कर दिया। बिजली कंपनी ने तीन दिनों में हुए नुकसान का आंकड़ा करीब तीन करोड़ रुपये बताया है।
कंपनी की रिपोर्ट के मुताबिक तीनों जिलों में कुल 511 खंभे टूट गए और 10 किलोमीटर से ज्यादा विद्युत तार बेकार हो गए। 118 फीडर पर आपूर्ति बाधित रही और 343 गांवों में बिजली गुल रही, जिससे ग्रामीणों को परेशानी हुई।
क्षति का आकड़ा
जिला वार स्थिति के अनुसार झांसी में 207 खंभे, जालौन में 232 और ललितपुर में 72 खंभे टूटे। तारों की कटाई झांसी में 1.79 किमी, जालौन में 5.99 किमी और ललितपुर में 2.35 किमी दर्ज की गई। फीडर की संख्या झांसी में 48, जालौन में 55 और ललितपुर में 15 प्रभावित रहे।
ट्रांसफार्मर भी भारी नुकसान झेल चुके हैं। झांसी और ललितपुर में 36-36 ट्रांसफार्मर खराब हुए जबकि जालौन में 72 ट्रांसफार्मर खराब होने की रिपोर्ट आई है। कंपनी ने इन सभी बिंदुओं पर विस्तृत रिपोर्ट बनाकर प्रदेश राहत आयुक्त को भेजी है।
जोन के मुख्य अभियंता ने कहा, “दैवीय आपदा से हुए नुकसान के लिए राहत आयुक्त को प्रस्ताव तैयार कर भेजा गया है।” -ज्ञानेंद्र सिंह, मुख्य अभियंता (वितरण)
बिजली कटौती और टूटे खंभों के कारण किसानों, देहात के निवासियों और छोटे व्यापारियों को रोजमर्रा के कामों में दिक्कत आई। कई जगह जल आपूर्ति और मोबाइल टावरों को भी असर पड़ा जिससे संचार बाधित हुआ।
बिजली कंपनी ने मरम्मत के लिए टीमों को मोर्चा दे दिया है और फीडरों व तारों की प्राथमिक मरम्मत शुरू कर दी है।ffected लोगों को जल्द बिजली वापस मिलने के लिए कंपनी ने सुरक्षा के साथ काम तेज करने के निर्देश दिए हैं। स्थानीय लोग राहत एवं मरम्मत के कामों में तेजी की उम्मीद कर रहे हैं।
स्रोत: अमर उजाला

