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जालौन में सिर्फ एक बार जीती सपा और बसपा : 1984 के बाद से कांग्रेस का पत्ता साफ, 2024 में भाजपा लगाएगी दूसरी हैट्रिक?

1984 के बाद से कांग्रेस का पत्ता साफ, 2024 में भाजपा लगाएगी दूसरी हैट्रिक?
UPT | जालौन में सिर्फ एक बार जीती सपा और बसपा

May 16, 2024 18:01

जालौन की लोकसभा सीट 1962 में अस्तित्व में आई थी। यहां से सबसे पहले कांग्रेस के राम सेवक चौधरी चुनाव जीते। राम सेवक ने पहले 1962, फिर 1967 और फिर 1971 में जीतकर हैट्रिक बना दी।

May 16, 2024 18:01

Short Highlights
  • कांग्रेस ने लगाई थी पहली हैट्रिक
  • एक बार सपा-बसपा भी जीते
  • 2024 का मुकाबला होगा जबरदस्त
Jalaun News : लोकसभा चुनाव के 5वें चरण के लिए वोटिंग 20 मई को होनी है। इस चरण में उत्तर प्रदेश की 14 सीटों पर भी वोट डाले जाएंगे, जिसमें  मोहनलालगंज, लखनऊ, राय बरेली, अमेठी, जालौन, झांसी, हमीरपुर, बांदा, फतेहपुर, कौशांबी, बाराबंकी, फैजाबाद, कैसरगंज और गोंडा शामिल हैं। इसके पहले के एपिसोड में हम मोहनलालगंज, लखनऊ और अमेठी के बारे में बात कर चुके हैं। आज बात जालौन की...

कांग्रेस ने लगाई थी पहली हैट्रिक
जालौन की लोकसभा सीट 1962 में अस्तित्व में आई थी। यहां से सबसे पहले कांग्रेस के राम सेवक चौधरी चुनाव जीते। राम सेवक ने पहले 1962, फिर 1967 और फिर 1971 में जीतकर हैट्रिक बना दी। आजादी शुरुआती कुछ दशकों तक ऐसी बहुत कम सीटें ही थीं, जिन पर प्रत्याशियों ने जीत की हैट्रिक लगाई थी और जालौन उसमें से एक थी। इसके बाद 1977 में इमरजेंसी के बाद चुनाव हुए, तो शेष सभी सीटों की तरह कांग्रेस ने जालौन को भी गंवा दिया। जनता पार्टी के रामचरण दोहरे ने जालौन की सीट जीत दर्ज कर ली। इसके बाद कांग्रेस ने 1980 में फिर वापसी की और पार्टी के प्रत्याशी नाथूराम शाक्यवार जालौन से सांसद चुने गए। ये जीत अगले चुनाव में भी कायम रही और कांग्रेस के लच्छी राम ने 1984 में चुनाव जीत लिया। यही जालौन में कांग्रेस की अंतिम जीत थी।

भाजपा ने कांग्रेस को किया बाहर
1989 में जब चुनाव हुए, तो किसी भी पार्टी को बहुमत नहीं मिला। राष्ट्रपति ने दूसरी सबसे बड़ी पार्टी जनता दल को सरकार बनाने के लिए आमंत्रित किया। इसी जनता दल के राम सेवक भाटिया ने 1989 में जालौन का चुनाव जीता था। एक सबसे दिलचस्प बात ये है कि 1989 तक जालौन से चुनाव जीतने वाले सभी सांसदों के नाम में 'राम' शब्द जरूर आता था। लेकिन 1991 में भारतीय जनता पार्टी की एंट्री हुई और ये क्रम टूट गया। भाजपा के गया प्रसाद कोरी ने 1991 में जालौन का चुनाव जीता। भाजपा ने अपनी शुरुआत ही हैट्रिक से की। 1991 में गया प्रसाद के चुनाव जीतने के बाद 1996 में भाजपा के ही भानु प्रताप सिंह वर्मा चुनाव जीते। इसके बाद जब 1998 में फिर चुनाव हुए, तो भाजपा ने उन्हें दोबारा टिकट दिया। इस चुनाव में भी भानु प्रताप की जीत हुई और इसके साथ ही भाजपा ने जीत की हैट्रिक लगा दी।

एक बार सपा-बसपा भी जीते
जालौन की सीट पर समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी ने भी एक-एक बार जीत दर्ज की थी। बसपा ने 1999 और सपा ने 2009 में चुनाव जीता था। 1999 में बहुजन समाज पार्टी के बृजलाल खाबरी ने जालौन का चुनाव जीता था। खाबरी वर्तमान में कांग्रेस में हैं। जालौन के संसदीय इतिहास पर वापस लौटते हैं। 2004 में भाजपा ने एक बार फिर से भानु प्रताप सिंह को टिकट दिया और वह तीसरी बार चुनाव जीत गए। लेकिन 2009 का वर्ष भाजपा के लिए अच्छा नहीं रहा। इस साल समाजवादी पार्टी के घनश्याम अनुरागी ने जालौन पर फतह हासिल कर ली। लेकिन भानु प्रताप का दौर खत्म नहीं हुआ। उन्होंने 2014 में फिर वापसी की और भाजपा ने 2.87 लाख वोटों के अंतर से चुनाव जीत लिया। पिछला चुनाव जीते सपा के घनश्याम अनुरागी 2014 में 1.80 लाख वोट पाकर तीसरे नंबर पर रहे। 2019 के चुनाव में बृजलाल खाबरी का बसपा से मोहभंग हो गया और वह कांग्रेस के टिकट पर उतरे। इस साल सपा और बसपा गठबंधन में थे। बसपा ने अजय सिंह पंकज को टिकट दिया और भाजपा ने पांचवीं बार भानु प्रताप पर भरोसा जताया। भानु प्रताप भी इस भरोसे पर खरे उतरे और उन्होंने 1.58 लाख वोटों के अंतर से चुनाव में जीत दर्ज कर ली।

2024 का मुकाबला जबरदस्त
जालौन की लोकसभा सीट अस्तित्व में आने के बाद से ही सुरक्षित रही है। इसके अंतर्गत विधानसभा के 5 क्षेत्र आते हैं, जिसमें भोगनीपुर, माधौगढ़, कालपी, उरई (आरक्षित) और गरौठा शामिल हैं। इसमें भोगनीपुर कानपुर देहात, माधौगढ़, कालपी और ओरई जालौन और गरौठा झांसी जिले में आते हैं। भोगनीपुर, माधौगढ़, ओरई और गौरठा भाजपा के कब्जे में हैं, जबकि कालपी पर सपा काबिज है। यहां अनुसूचित जाति की 27.8 फीसदी और अनुसूचित जनजाति की 0.06 फीसदी आबादी है। 2024 में सपा ने नारायण दास अहीरवार को प्रत्याशी बनाया है। अहीरवार बसपा के संस्थापक सदस्यों में से एक रहे हैं। वह 2022 में सपा में शामिल हो गए थे। जाहिर है कि सपा उन्हें मैदान में उतारकर बसपा के वोटबैंक में सेंध लगाने की कोशिश में है। वहीं बसपा ने सुरेश चंद्र गौतम को टिकट दिया है। गौतम विद्युत विभाग में इंजीनियर रहे थे। भाजपा ने अपने 5 बार के सांसद भानु प्रताप सिंह वर्मा को छठवीं बार मैदान में उतारा है। अब जालौन की जनता किसके हक में फैसला करेगी, ये 4 जून को स्पष्ट हो जाएगा।

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