कानपुर। रविवार को समाजवादी पार्टी की जिला इकाई के पदाधिकारियों ने माती स्थित अपने कार्यालय से पैदल मार्च निकाल कर जिलाधिकारी कार्यालय तक विरोध का स्वर उठाया। मार्च के दौरान मुख्य चुनाव आयुक्त का पुतला दहन कर उन्हें पद से हटाने की मांग की गई।
पार्टी के जिलाध्यक्ष अरुण कुमार उर्फ बबलू राजा ने बताया कि यह मार्च राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के निर्देशन में निकाला गया था। कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों ने केंद्र सरकार व चुनाव आयोग के खिलाफ नारेबाजी भी की।
पुतला दहन और आरोप
प्रदर्शनकारी दावा कर रहे थे कि निर्वाचन आयोग निष्पक्षता नहीं बरत रहा और भेदभावपूर्ण रवैया अपना रहा है। उनका कहना था कि इससे लोकतंत्र की मर्यादा कमजोर हो रही है। कलेक्ट्रेट परिसर के समीप ही मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का पुतला दहन कर अपना आक्रोश व्यक्त किया गया।
कार्यकर्ताओं ने ऐलान किया कि जब तक मुख्य चुनाव आयुक्त को पद से नहीं हटाया जाता, तब तक समाजवादी पार्टी का यह विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा। पार्टी ने कहा कि लोकतंत्र की रक्षा के लिए उसके हर कार्यकर्ता सड़क पर उतर कर संघर्ष करने को तैयार है।
प्रदर्शन के चलते कलेक्ट्रेट परिसर के चारों ओर भारी पुलिस बल तैनात रहा और हालात पर कड़ी नजर रखी गई। प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी और पुलिस तैनाती के कारण माहौल नियंत्रित बना रहा और कोई बड़ी अपराधिक घटना दर्ज नहीं हुई।
इस प्रदर्शन में पार्टी के कई वरिष्ठ नेता शामिल रहे। मौजूद नेताओं में राजाराम पाल, पूर्व मंत्री शिवकुमार बेरिया, पूर्व विधायक लाखन सिंह, मिथिलेश कटियार, जुनैद पहलवान, नीता सचान, राम सिंह यादव, तुलाराम कोरी और रामअवतार का नाम शामिल है।
पार्टी ने आगे के दिनों में भी विरोध के कार्यक्रम आयोजित करने की बात कहीं है। स्थानीय लोगों और कार्यकर्ताओं को नाराजगी जताने वाले आयोजन की जानकारी के लिए अपने नजदीकी पार्टी पदाधिकारी से संपर्क करने को कहा गया है।
स्रोत: अमर उजाला

