कन्नौज। जिले की कांग्रेस कमेटी ने रविवार को एसआईआर प्रक्रिया के विरोध में जोरदार प्रदर्शन किया। जिलाध्यक्ष मो. शाकिर हुसैन के नेतृत्व में कार्यकर्ता नसरापुर स्थित अंबेडकर प्रतिमा से कलेक्ट्रेट स्थित निर्वाचन कार्यालय तक मार्च निकाले।
प्रदर्शन के दौरान कांग्रेसियों ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का पुतला फूंकने का प्रयास किया। कलेक्ट्रेट गेट के पास पुलिस ने पुतला दहन रोकने का प्रयास किया और करीब 15 मिनट तक प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच हंगामा चला। अंततः पुलिस ने पुतला छीन लिया।
कांग्रेस के आरोप और मांगें
जिलाध्यक्ष मो. शाकिर हुसैन का आरोप था कि एसआईआर प्रक्रिया के नाम पर भाजपा को फायदा पहुंचाने के लिए करीब 13 करोड़ वोट काट दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि फॉर्म छह में गलत बदलाव किए गए और अनजान लोगों द्वारा फॉर्म सात के जरिए नाम कटवाए जा रहे हैं।
शाकिर ने बताया कि इस असंवैधानिक प्रक्रिया के खिलाफ 14 बार आपत्ति दर्ज कराई गई, मगर मुख्य चुनाव आयुक्त और मुख्य सचिव से कोई सुनवाई नहीं हुई। कांग्रेस ने ज्ञानेश कुमार से इस्तीफा देने और उनके खिलाफ सुप्रीम कोर्ट से संज्ञान लेकर एफआईआर दर्ज कराने की अपील की है।
प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने महाराष्ट्र, हरियाणा, बिहार और पश्चिम बंगाल में बनी सरकारों को असंवैधानिक करार दिया और नारेबाजी की। पुलिस ने पुतला दहन रोकते हुए कई बार समझाने की कोशिश की, जिससे तीखी बहस भी हुई।
प्रदर्शन में पूर्व प्रदेश सचिव विजय मिश्र, चिकित्सा प्रकोष্ঠ के महासचिव डॉ. जहीर अहमद रिजवी, प्रमोद शाक्य, एहसानुल हक, शमशाद खान, मो. आमिर अंसारी, असगर हुसैन, पुष्पेंद्र पांडेय, अमोल दीक्षित, मो. आरिफ खान, राजकुमार यादव, अरविंद दुबे और तारिक बशीर सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे। घटना के दौरान प्रभारी निरीक्षक जितेंद्र प्रताप सिंह भी कांग्रेस कार्यकर्ताओं से बहस करते दिखाई दिए।
मो. शाकिर हुसैन ने प्रदर्शन के दौरान कहा, “लोकतांत्रिक तरीके से विरोध करना हमारा अधिकार है, जिसे पुलिस दबा रही है।” अब संभावना है कि कांग्रेस इस मामले को लेकर आगे कानूनी प्रक्रिया या उच्चस्तरीय शिकायतों पर जोर देगी।
स्रोत: अमर उजाला

