ढोलना/मोहनपुरा। तेज बारिश के बीच दो अलग-अलग जिलावासी इलाकों में कुल तीन मकान गिर गए। घटनाएँ शनिवार की तड़के और शाम को हुईं, लेकिन समय रहते लोग बाहर निकल आएं, इसलिए कोई जनहानि नहीं हुई।
नगला बिरहरा गांव में शनिवार तड़के करीब 4 बजे दो मकान अचानक भरभराकर ढह गए। हादसे के समय दोनों परिवार घर के अंदर सो रहे थे। बारिश और मकान में हलचल की आवाज सुनकर परिवार के सदस्य जाग गए और समय रहते बाहर निकल आए।
घटनाक्रम
नगला बिरहरा में गिरने वाले मकानों के स्वामी रामप्रकाश तथा भूरेलाल बताए गए हैं। बचाव के समय कोई घायल न होने के बावजूद घरों में रखा बक्सा, चारपाई और ड्रेसिंग टेबल समेत अन्य घरेलू सामान क्षतिग्रस्त हो गया।
दूसरी घटना मोहनपुरा कस्बे की है, जहाँ मनोज कुमार का पुश्तैनी कच्चा मकान लगातार हो रही बारिश से कमजोर हो गया था। शुक्रवार रात से बारिश के चलते दीवारों में दरारें पड़ गई थीं और शनिवार शाम करीब पांच बजे मकान अचानक धराशायी हो गया।
मकान गिरने की आवाज पर आस-पास के लोग मौके पर पहुंचे और परिजनों की तलाश की। सभी के सुरक्षित मिलने पर लोगों ने राहत की सांस ली। इसके बाद मलबा हटाकर जरूरी सामान बाहर निकाला गया और प्रभावित परिवारों को अस्थायी राहत देने की कोशिशें शुरू हुईं।
मकान स्वामी मनोज कुमार ने प्रशासन से अपील की है कि नुकसान का औपचारिक आकलन कराकर आर्थिक सहायता दी जाए। प्रभावित परिवारों ने कहा कि वे जल्द किसी ठोस ठिकाने की व्यवस्था नहीं कर पाए हैं और सहायता की उम्मीद कर रहे हैं।
आगे की कार्रवाई
स्थानीय लोगों ने बताया कि प्रशासनिक विभाग से टीम भेजकर नुकसान का निरीक्षण कराया जाएगा। जो परिवार स्थायी रूप से प्रभावित हुए हैं उन्हें जरूरी राहत और मुआवजे की प्रक्रिया के बारे में जानकारी दी जाएगी।
स्रोत: अमर उजाला

