कौशाम्बी। संपूर्ण समाधान दिवस के मौके पर मंडलायुक्त डॉ. लोकेश एम. ने चायल तहसील का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने तहसील कार्यालयों में निस्तारण के तरीकों और अभिलेखों का अवलोकन किया।
निरीक्षण के दौरान यह पाया गया कि समाधान दिवस में कुल 83 प्रकरण आए थे। उन 83 में से 6 प्रकरणों का मौके पर निस्तारण किया गया। समाधान दिवस से अनुपस्थित पाए गए 9 अधिकारियों का वेतन कारण स्पष्ट होने तक रोकने के निर्देश दिए गए।
अभिलेख और दायित्वों पर कड़ी नजर
मंडलायुक्त ने निस्तारण रजिस्टरों और अन्य अभिलेखों के रख-रखाव में पाई गई लापरवाही पर कड़ी प्रतिक्रिया दी। नायब नाजिर के अभिलेखों में खामियों के लिए प्रतिकूल प्रविष्टि करने के निर्देश दिए गए। ग्राम सभा की भूमि के प्रकरणों, रजिस्टरों और नगर निकाय की स्वच्छता व्यवस्था में लापरवाही के कारण एसडीएम चायल के खिलाफ भी प्रतिकूल प्रविष्टि की हिदायत दी गई।
निरीक्षण में मंडलायुक्त ने फरियादियों की शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने पर जोर दिया। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि वे शिकायतों के निवारण में ज्यादा पारदर्शिता और जवाबदेही रखें।
सीएचसी सराय अकील का निरीक्षण
मंडलायुक्त ने सीएचसी सराय अकील का भी निरीक्षण किया और उसे मॉडल सीएचसी के रूप में विकसित करने की प्रक्रिया का जायजा लिया। व्यवस्थाएं सामान्य तौर पर संतोषजनक पाईं गईं, लेकिन मरीजों की अधिकता को देखते हुए मंडलायुक्त ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) को बड़ी बिल्डिंग के निर्माण का प्रोजेक्ट शासन को भेजने के निर्देश दिए।
जिला प्रशासन ने कहा है कि अधिकारियों की गैरहाज़िरी और अभिलेखों में लापरवाही पर आगे भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी। तहसील स्तर पर सुधार न होने पर अन्य प्रशासनिक कदम उठाए जा सकते हैं।
स्रोत: अमर उजाला

