कौशाम्बी। सोमवार को कांग्रेस ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और वोटर सूची में बताई जा रही गड़बड़ियों के खिलाफ जिला मुख्यालय पर प्रदर्शन किया। नेता-कर्मचारी कलक्ट्रेट परिसर में जमा हुए और मुख्य निर्वाचन आयुक्त के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।
प्रदर्शन और मांगें
जिला अध्यक्ष गौरव पांडेय के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग करते हुए उनका पुतला फूंका। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि आयोग के अंदर वरिष्ठ अधिकारियों ने कई फैसलों पर आपत्ति जताई है और मतदाताओं के नाम काटे जाने जैसी मामलों की जांच आवश्यक है।
कांग्रेस ने कहा कि आगे के चुनावों का संचालन ज्ञानेश कुमार की देखरेख में नहीं होना चाहिए। पार्टी ने स्वतंत्र जांच की माँग करते हुए मामलों में कार्रवाई की भी मांग की। नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि शिकायतों का समाधान नहीं हुआ तो प्रदेश और केंद्र स्तर पर बड़ा आंदोलन किया जाएगा।
प्रदर्शन में राजेश साहनी, रामबहादुर त्रिपाठी, श्याम मूर्ति तिवारी, राजेंद्र त्रिपाठी, राम सूरत रैदास, रावेंद्र यादव और प्रदीप सिंह पटेल सहित कई स्थानीय नेता मौजूद रहे। प्रदर्शनकारियों ने जिलाधिकारी को राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन सौंपा, जिसमें अपनी मांगों का विवरण दिया गया है।
स्थानीय प्रभाव और आगे की कार्रवाई
प्रदर्शन से कलक्ट्रेट परिसर के आसपास कुछ देर के लिए माहौल तनावपूर्ण रहा, लेकिन इसकी वजह से कोई बड़ा व्यवधान दर्ज नहीं हुआ। जिला प्रशासन ने फिलहाल शांतिपूर्ण तरीके से ज्ञापन ग्रहण कर लिया है और मामले पर आगे की जांच के लिए आवश्यक कदम उठाने की बात कही जा सकती है।
कांग्रेस ने साफ किया है कि यदि उनकी मांगों पर संतोषजनक जवाब नहीं मिला तो वह आगे कार्यक्रमों और आंदोलन को तेज करेगी। स्थानीय लोगों से कहा गया है कि वे किसी भी अपडेट के लिए पार्टी कार्यालय से संपर्क रखें।
स्रोत: अमर उजाला

