कौशाम्बी। उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग की ओर से पीसीएस-2025 के अभ्यर्थियों का साक्षात्कार सोमवार से शुरू हुआ। अलग-अलग जिलों से आए अभ्यर्थी आयोग के समक्ष शॉर्टलिस्टेड विषयों पर चर्चा कर रहे हैं।
साक्षात्कार दो पालियों में हो रहे हैं और प्रक्रिया 24 अक्तूबर तक चलेगी। मुख्य परीक्षा में सफल कुल 2297 अभ्यर्थियों के साक्षात्कार लिए जाएंगे। कई अभ्यर्थी अलग-अलग शैक्षणिक पृष्ठभूमियों से जुड़कर आयोग में बैठ रहे हैं।
सवालों का फोकस
इंटरव्यू में पूछे गए सवाल विविध विषयों से संबंध रखते थे। एक अभ्यर्थी से पूछा गया कि जंतर‑मंतर पर चल रहे जेन‑ज़ेड आंदोलन क्या भारत में सत्ता पलटने की साजिश थी। इसी तरह इससे जुड़े राजनीतिक और ऐतिहासिक मामलों पर भी प्रश्न किए गए।
गोरखपुर विश्वविद्यालय से पढ़े एक अभ्यर्थी से पूछा गया कि आयोग में आते समय वे क्या सोच रहे थे। एक अन्य अभ्यर्थी से जिन्ना के बारे में सवाल पूछे गए, जिसमें पूछा गया कि जिन्ना अचानक से इतने बड़े नेता कैसे बन गए और पाकिस्तान बनने के कुछ महीनों बाद उनकी मौत के मद्देनजर क्या इंतजार करके विभाजन रोका जा सकता था।
प्रशासनिक भूमिका और तकनीक पर भी प्रश्न थे। एक अभ्यर्थी ने बताया कि वे एसडीएम पद के लिए साक्षात्कार दे रहे थे और उनसे पूछा गया कि यदि चयन होता है तो क्या वे अपने प्रशासनिक कार्यों के लिए एआई पर पूरी तरह निर्भर रहेंगे। साथ ही पूछा गया कि प्रशासन में एआई लागू करते समय किन‑किन बातों का ध्यान रखा जाएगा।
कई अभ्यर्थियों ने निजी जानकारी भी साझा की। एक ने बताया कि यह उनका पांचवां प्रयास है। कुछ अभ्यर्थियों से पूर्व आईएएस अफसर दिव्या मित्तल के इस्तीफे और उसकी वैधता को लेकर भी राय मांगी गई। साथ ही कानून बनाने की प्रक्रिया और उसमें शामिल पक्षों पर भी चर्चा हुई।
आगे की प्रक्रिया
साक्षात्कार 24 अक्तूबर तक चलेंगे और आयोग चयन प्रक्रिया के अगले चरणों पर निर्णय साक्षात्कार के आधार पर करेगा। अभ्यर्थियों को समय और स्थान संबंधी जानकारी आयोग द्वारा पहले ही दी जा चुकी है।
स्रोत: अमर उजाला

