कौशांबी। पिपरी थाना क्षेत्र के रेही गांव में रहने वाले सुनील कुमार के साथ डिजिटल अरेस्ट का झांसा देकर तीन लाख 87 रुपये की ठगी होने की शिकायत मिलि। घटना बुधवार सुबह हुई, जिसमें फोन पर आई कॉल के सहारे युवक के खाते से रकम ट्रांसफर करवा ली गई।
पीड़ित सुनील कुमार पुत्र चंद्रभान ने एसपी को तहरीर दी। तहरीर में उसने बताया कि उस दिन एक व्हाट्सऐप कॉल आई और कॉल करने वाले ने खुद को लखनऊ का निवासी बताकर बात की। उसके बाद कॉल करने वाले ने क्षेत्र की एक महिला को कॉन्फ्रेंस में शामिल कराया।
ठगी का तरीका और भेजी गई रकम
सुनील ने कहा कि कॉन्फ्रेंस में शामिल महिला ने दबाव बनाते हुए कहा, “जो सर कह रहे हैं, मान लो, नहीं तो बहुत दिक्कत हो जाएगी।” महिला की बातों में आकर उसने दो किश्तों में कुल तीन लाख 87 रुपये ट्रांसफर कर दिए। रकम ट्रांसफर होने के बाद जब उसने संबंधित लोगों से पुष्टि की तो यह पता चला कि वह ठगी का शिकार हुआ है।
घटना की तहरीर मिलने पर एसपी सत्यनारायण प्रजापत ने मामले को गंभीरता से लिया और पिपरी पुलिस को एफआईआर दर्ज कर जांच करने के निर्देश दिए। पुलिस ने साइबर ठगी की जांच शुरू कर दी है और फिलहाल कॉन्फ्रेंस में शामिल महिला को भी आरोपी बनाया गया है।
पुलिस अब कॉल करने वाले और पैसे लेने वाले खातों का पता लगाने के लिए बैंकिंग ट्रांजैक्शन और व्हाट्सऐप कॉल डिटेल्स खंगाल रही है। साइबर टीम से तकनीकी जांच कराकर आरोपी तक पहुंचने की कोशिश की जा रही है।
स्थानीय लोग चिंतित हैं और पुलिस से सावधानी बरतने का आग्रह कर रहे हैं। अधिकारी लोगों से फोन पर आने वाले अनजान नंबरों पर व्यक्तिगत और बैंकिंग जानकारी साझा न करने की चेतावनी दे रहे हैं और किसी भी संदिग्ध कॉल की सूचना पिपरी थाने या नजदीकी पुलिस स्टेशन को देने को कह रहे हैं।
स्रोत: अमर उजाला

