कुशीनगर। हाईवे पर ट्रकों को रोककर खुद को जीएसटी अधिकारी बताकर वसूली करने वाले गिरोह के मास्टरमाइंड चंद्रशेखर आजाद नगर के भोला यादव को तरयासुजान पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। थाना ने भोला के साथ तीन किशोर और अहिरौलीदान के एक युवक को हिरासत में लेकर पूछताछ की और बाद में सभी आरोपियों को हमीरपुर पुलिस को सौंप दिया।
जांच और गिरफ्तारी
पुलिस ने बताया कि हमीरपुर में 22 सितंबर को दर्ज प्राथमिकी की जांच के दौरान कुशीनगर से गिरोह के तार जुड़ते चले गए। आरोप है कि लखनऊ से चरखारी जा रहे एक मिनी ट्रक को बेतवा पुल के पास रोका गया और चालक से 50 हजार रुपये की मांग की गई। गिरोह का एक सदस्य खुद को जीएसटी अधिकारी बताता था।
ड्राइवर ने पैसे न होने पर चरखारी निवासी पूर्व सांसद गंगाचरण राजपूत से फोन कर बात कराई। शक होने पर पूर्व सांसद ने जीएसटी के उच्चाधिकारियों से संपर्क किया और जांच में संबंधित व्यक्ति जीएसटी अधिकारी न होने का खुलासा हुआ। इसके बाद हमीरपुर नगर कोतवाली में हर्षित यादव व साथियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई थी।
जांच आगे बढ़ने पर पुलिस को मामले में तमकुहीराज क्षेत्र की भागीदारी के ठोस संकेत मिले। तरयासुजान पुलिस ने कार्रवाई कर भोला यादव और बाकी आरोपियों को हिरासत में लिया। पूछताछ और छानबीन के बाद उन्हें हमीरपुर पुलिस के हवाले कर दिया गया।
जांच में यह भी सामने आया कि गिरोह किशोरों को रुपये का लालच देकर अपने नेटवर्क में शामिल करता था। आरोप है कि किशोरों के परिवारों के बैंक खातों का डेटा इकट्ठा कर ठगी की रकम अलग-अलग खातों में डलवायी जाती थी। रकम के कुछ हिस्से खाताधारकों को दिए जाने के बाद शेष गुर्गे आपस में बाँट लेते थे।
पुलिस अब बैंक खातों और गिरोह के लोगों की फर्जी आईडी व रिश्ते की जांच कर रही है। जांच में भोला यादव के बिहार में शराब तस्करी और फर्जीवाड़े से जुड़े पुराने मामलों का नाम भी सामने आया है और तमकुहीराज के मुखिया यादव उर्फ प्रिंस के साथ उसके संबंधों की जानकारी जुटाई जा रही है।
पुलिस अधिकारी ने बताया, “फर्जीवाड़े से जुड़े आरोपियों को हमीरपुर पुलिस को सौंप दिया गया है। गिरोह से गुर्गों का आपराधिक इतिहास खंगाला जा रहा है।” – जयंत कुमार यादव, सीओ तमकुहीराज
स्रोत: अमर उजाला
