पिपराघाट। पिरोजहां टोला बलुही गांव में शुक्रवार रात एक झोपड़ी में आग लग गई। झोपड़ी में बंधे दोनों मवेशी झुलसकर मौत हो गए।
जानकारी के अनुसार गांव के चोकट यादव ने मच्छरों से बचने के लिए झोपड़ी के अंदर अलाव जला रखा था। देर रात अलाव से निकली चिंगारी ने झोपड़ी को पकड़ लिया और आग तेजी से फैल गई।
आग लगने का कारण और घटनाक्रम
आग लगने की आवाज सुनकर आस-पास के ग्रामीण दौड़े और आग बुझाने की कोशिश की। ग्रामीणों की तत्परता के बावजूद जब तक आग पर काबू पाया गया, दोनों मवेशी गंभीर रूप से झुलस चुके थे। पशुपालक उन्हें इलाज के लिए ले जा रहे थे, लेकिन दरवाजे पर ही दोनों की मौत हो गई।
आगे की कार्रवाई के लिए शनिवार सुबह हलका लेखपाल मौके पर पहुंचे और क्षति का पूरा आकलन किया। उन्होंने बताया कि आकलन कर तहसील प्रशासन को रिपोर्ट भेज दी जाएगी ताकि आवश्यक कार्रवाई की जा सके।
गांववालों ने कहा कि छोटे अलाव रखने में सावधानी बरतनी चाहिए क्योंकि झोपड़ियाँ सूखी और ज्वलनशील सामग्री से भरी रहती हैं। इस घटना से ग्रामीणों में सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है।
मवेशियों की मौत से प्रभावित परिवारों को आर्थिक नुकसान का सामना करना पड़ेगा। खेतों और डेयरी के काम पर भी असर पड़ेगा क्योंकि दोनों मवेशी परिवार की कमाई और खेती में उपयोग में लाए जाते थे।
आगे क्या होगा
तहसील प्रशासन को भेजी गई रिपोर्ट के बाद नुकसान की आधिकारिक पुष्टि और मुआवजे की प्रक्रिया शुरू की जा सकती है। अधिकारियों ने ग्रामीणों से कहा है कि वे ऐसे अलाव बाहर रखें और झोपड़ियों में ज्वलनशील चीजें न रखें।
स्रोत: अमर उजाला

