कप्तानगंज। छोटी गंडक पर बने कप्तानगंज-नौरंगिया पुल के एप्रोच के धंस जाने से राहगीरों और भारी वाहनों को आने-जाने में गंभीर परेशानी हो रही है। यह घटना हालिया भारी बारिश के बाद सामने आई।
धंस चुके एप्रोच के कारण पिच सड़क पर आवागमन लगभग ठप हुआ है। इस मार्ग से देवरिया के रुद्रपुर व गौरी बाजार के साथ कुशीनगर के हाटा, कप्तानगंज और नौरंगिया होते हुए खड्डा, पनियहवा तक यातायात चलता है। मार्ग महराजगंज जिले और बिहार के लिए भी महत्वपूर्ण रह चुका है।
रास्ते बाधित, स्थानीय लोग चिंतित
स्थानीयों ने बताया कि एप्रोच के क्षतिग्रस्त होने से किसानों को खेतों तक पहुंचने में दिक्कत हो रही है। नाव और लंबे मार्ग से लौटकर आना पड़ रहा है। निजी स्कूलों के छात्र और अभिभावक भी प्रभावित हुए हैं क्योंकि स्कूल तक सीधी पहुंच बाधित हो गई है।
ओमप्रकाश साहनी, केडी कुशवाहा, मुलायम यादव, शिवप्रताप सिंह, मंटू श्रीवास्तव, भुनेश्वर प्रसाद, फूल साहनी, राधेश्याम राव, योगेश गोविंद राव, अरविंद सिंह और दिनेश कुमार सिंह सहित कई लोगों ने एप्रोच की तुरंत मरम्मत कराने की मांग की है। उन्होंने बताया कि नदी के उस पार कप्तानगंज कस्बे के किसानों की खेती पर भी असर पड़ रहा है।
कप्तानगंज-नौरंगिया पिच सड़क और पुल विश्व बैंक की सहायता से बनाया गया था और रख-रखाव भी उसी के दायरे में है। स्थानीय लोग उम्मीद कर रहे हैं कि संबंधित विभाग जल्द कार्रवाई कर मार्ग को सुरक्षित करेगी ताकि यातायात बहाल हो सके और किसानों की फसल व स्कूलों की गतिविधियाँ प्रभावित न हों।
अगले कदम के रूप में नगर पंचायत और सम्बंधित अधिकारियों से मरम्मत का तत्काल निरीक्षण और तात्कालिक कार्य शुरू करने की मांग की जा रही है। प्रशासन से अनुरोध है कि वे वैकल्पिक मार्गों और आवागमन सुविधा के बारे में भी लोगों को सूचित करें।
स्रोत: अमर उजाला

