कुशीनगर खड्डा। शुक्रवार को खड्डा तहसील परिसर में उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ के आह्वान पर लेखपालों ने धरना-प्रदर्शन किया। तहसील अध्यक्ष वैभव शर्मा के नेतृत्व में यह धरना सुबह 10 बजे शुरू होकर दोपहर 2 बजे तक चला और तहसील का कामकाज ठप रहा।
मुख्य मांगें और ज्ञापन
लेखपालों ने धरने में दस साल से लंबित 2800 ग्रेड पे की मांग प्रमुख रूप से उठाई। उन्होंने 2019 से लंबित अंतरमंडलीय तबादलों को कराने, पदोन्नति सूची और विभागीय परीक्षा के परिणाम जारी करने की भी मांग रखी। धरने के बाद संघ के प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन एसडीएम डॉ. संतराज को सौंपा।
लेखपालों ने स्टेशनरी, यात्रा भत्ता तथा विशेष भत्तों में वृद्धि की मांग भी की। साथ ही ग्राम सचिवालयों में बिजली, पानी, इंटरनेट और अलग कक्ष व शौचालय उपलब्ध कराने की अपील की गई। संघ ने यह भी कहा कि लेखपालों के पद को तकनीकी घोषित कर उन्हें लैपटॉप और मोबाइल उपलब्ध कराये जाएं।
संघ की चेतावनी
संघ पदाधिकारी कहा कि लेखपालों पर लगातार काम का दबाव बढ़ रहा है, जबकि जरूरी संसाधन नहीं दिये जा रहे। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि मांगों पर शीघ्र निर्णय नहीं हुआ तो 17 अक्तूबर से पूरे प्रदेश में चरणबद्ध तरीके से लेखपाल संपूर्ण कार्य बहिष्कार करेंगे। संघ ने इस बहिष्कार की जिम्मेदारी शासन और राजस्व परिषद पर डाली है।
धरने में उपस्थित लेखपालों ने कहा कि सरकारी कामकाज में उनका योगदान बढ़ा है और वे नियमित रूप से कई तरह के रिकॉर्ड और रिपोर्ट संभालते हैं। बावजूद इसके व्यवस्था और पारिश्रमिक में सुधार नहीं हुआ है, जिससे रोजगार की गुणवत्ता प्रभावित हो रही है।
स्थानीय लोगों और तहसील कार्यालय आने वालों को धरने के दौरान सेवाओं में बाधा का सामना करना पड़ा। कई लोग अपने काम निपटाने के लिए आसपास के अन्य कार्यालयों का रुख करते दिखे।
आगे क्या होगा: संघ ने 17 अक्तूबर की तारीख तय कर रखी है और समय रहते मांगें न माने जाने पर व्यापक आंदोलन की बात कही है। स्थानीय प्रशासन से अपेक्षा जताई जा रही है कि वे संघ से संवाद कर समाधान निकालें ताकि सेवाएं बाधित न हों।
स्रोत: अमर उजाला

