पडरौना। यूपीआई लेन-देन पर प्रस्तावित अतिरिक्त शुल्क के खिलाफ पूर्वांचल व्यापार मंडल के व्यापारियों ने रविवार को सडक़ पर आवाज उठाई और विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शन में व्यापारियों ने यूपीआई के बक्से को आग के हवाले कर अपनी नाराजगी जाहिर की।
पूर्वांचल व्यापार मंडल ने प्रधानमंत्री के नाम एक मांग-पत्र भेजा और सरकार से यूपीआई पर कोई अतिरिक्त शुल्क न लगाने की मांग की। व्यापारियों ने कहा कि इन्हें पहले से कई प्रकार के करों और शुल्कों का सामना करना पड़ता है और बढ़ती व्यावसायिक लागत से हालत और दयनीय हो जाएगी।
मांगें और नेताओं की मौजूदगी
मंडल ने सरकार के समक्ष चार प्रमुख मांगें रखी हैं और यूपीआई लेन-देन पर अतिरिक्त कर या शुल्क के प्रस्ताव पर पुनर्विचार की अपील की है। मंडल ने कहा कि छोटे व मध्यम व्यापारियों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ न डाला जाए और डिजिटल भुगतान व्यवस्था सरल व कम लागत वाली रखी जाए।
प्रदेश अध्यक्ष राजेश कुमार सैनी ने कहा, “व्यापारी वर्ग पहले से ही विभिन्न प्रकार के करों और शुल्कों का सामना कर रहा है। बढ़ती व्यावसायिक लागत भी उनके लिए चुनौती है। ऐसे में यूपीआई लेन-देन पर शुल्क अनुचित होगा।” उनके साथ प्रदेश प्रभारी विजय प्रकाश पांडे, प्रदेश संगठन मंत्री मुख्तार अहमद और प्रदेश कोषाध्यक्ष मुन्ना सिंह प्रमुख रूप से मौजूद रहे।
इस दौरान प्रदेश उपाध्यक्ष जितेंद्र जायसवाल और कमल कोहली के साथ प्रदेश महामंत्री अशोक मिश्रा भी मंच पर थे। जिला अध्यक्ष संतोष वर्मा, जिला सचिव संतोष सैनी और जिला महामंत्री पप्पू सोनी सहित कई स्थानीय व्यापारियों ने भी ज्ञापन का समर्थन किया।
स्थानीय प्रभाव और आगे की कार्रवाई
व्यापारियों का तर्क है कि शुल्क लागू होने से छोटे दुकानदारों की रोजमर्रा की कमाई पर असर पड़ेगा और डिजिटल इंडिया के मकसद को भी चोट पहुंचेगी। मंडल ने सरकार से आग्रह किया है कि व्यापारिक प्रतिनिधियों के साथ विचार-विमर्श के बाद ही कोई फ़ैसला लिया जाए।
मंडल ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर सकारात्मक प्रतिक्रिया नहीं मिली तो भविष्य में और बड़े पैमाने पर आंदोलन की तैयारियाँ की जाएंगी। फिलहाल पडरौना के मुख्य बाजार में जारी विरोध प्रदर्शन के बाद व्यापारी अपनी मांगों पर टिके हुए हैं और जल्द सरकारी जवाब की प्रतीक्षा कर रहे हैं।
स्रोत: अमर उजाला

