लखनऊ। उत्तर प्रदेश कांग्रेस ने शुक्रवार को अपने प्रदेश अध्यक्ष में बदलाव किया है और अराधना मिश्रा को नया प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया। बदलाव के बाद अजय राय को प्रदेश अध्यक्ष की जिम्मेदारी से मुक्त कर दिया गया है।
पार्टी के निर्देशानुसार अराधना मिश्रा को प्रदेश अध्यक्ष बनाए जाने के साथ ही उन्हें कांग्रेस विधायक दल के नेता के पद से हटा दिया गया। उनकी जगह फरेंदा से विधायक चौधरी वीरेंद्र सिंह को विधायक दल का नेता नियुक्त किया गया है। विधानसभा की मौजूदा सदस्य सूची में कांग्रेस के दो विधायक अराधना मिश्रा और वीरेंद्र चौधरी के नाम दर्ज हैं।
बदलाव के कारण और पृष्ठभूमि
अजय राय को 17 अगस्त 2023 को प्रदेश अध्यक्ष की जिम्मेदारी मिली थी। राय पांच बार विधायक रहे और पूर्व मंत्री भी हैं। उन्होंने संगठन को सक्रिय रखने के लिए सड़क पर उतरकर कई मुद्दों पर आवाज उठाई, लेकिन वह विधानसभा चुनाव में अपनी पिंडरा सीट से हार गए थे।
पार्टी सूत्र यह बताते हैं कि अजय राय का गठबंधन और सीट बंटवारे पर सख्त रुख कई बार असहजता की स्थिति पैदा करता रहा। हाल में अखिलेश यादव की रायबरेली से पीडीए रथयात्रा के जवाब में अजय राय ने इटावा, कन्नौज और सैफई जाने की बात कही थी। लोकसभा चुनाव के सीट बंटवारे को लेकर भी वे अड़े रहे।
कवायद और चर्चाएं दो दिन पहले से तेज थीं, इसलिए यह माना जा रहा है कि बदलाव की तैयारी पहले से चल रही थी। बाद में राहुल गांधी और अखिलेश यादव ने संयुक्त प्रेसवार्ता कर एकजुटता का संदेश दिया था। पार्टी अंदर यह तर्क भी है कि राय को उनकी विधानसभा में सक्रियता बढ़ाने के लिए प्रदेश अध्यक्ष की जिम्मेदारी से मुक्त किया गया है।
यह बदलाव प्रदेश स्तर पर कांग्रेस के राजनीतिक समीकरण और सपा‑कांग्रेस गठबंधन पर असर डाल सकता है। स्थानीय कार्यकर्ता और नेता अगली बैठक तथा प्रदेश नेतृत्व की कार्यशैली पर अब नजर बनाए हुए हैं।
आगे पार्टी की तरफ से संगठन और चुनावी रणनीति को लेकर और फैसले आने की सम्भावना है। कार्यकर्ताओं से कहा गया है कि निर्देशों का पालन करें और आगामी घोषणाओं का इंतजार रखें।
स्रोत: अमर उजाला

