रायबरेली। मुख्य निर्वाचन आयुक्त (सीईसी) को हटाने, मुकदमा चलाने व गिरफ्तारी की मांग को लेकर कांग्रेस ने अपने विरोध कार्यक्रम तेज कर दिए हैं। शनिवार को तिलक भवन स्थित कांग्रेस कार्यालय में जिला व शहर कांग्रेस कमेटी की बैठक में आगे की रणनीति पर चर्चा हुई।
बैठक में यह तय किया गया कि कांग्रेस दो अक्तूबर से आठ अक्तूबर तक “लोकतंत्र बचाओ सप्ताह” मनाएगी। इस अवधि में जिले के अलग-अलग हिस्सों में “वोट बचाओ-देश बचाओ” पैदल मार्च निकाले जाएंगे।
प्रमुख मांगें और निर्णय
कांग्रेस जिलाध्यक्ष पंकज तिवारी ने बैठक में कहा कि सभी कांग्रेसजन एकजुट होकर आंदोलन में भाग लेंगे। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर आरोप लगाया कि वे भाजपा के मोह में देश के लोकतंत्र की हत्या कर रहे हैं।
शहर अध्यक्ष धीरज श्रीवास्तव ने कहा, “अब लुकाछिपी का खेल समाप्त हो चुका है।” उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह से इस्तीफा देकर देश की जनता से माफी मांगने की मांग रखी।
बैठक में जिला प्रवक्ता महताब आलम, पूर्व प्रत्याशी विधानसभा हरचंदपुर सुरेंद्र विक्रम सिंह, पूर्व प्रत्याशी विधानसभा ऊंचाहार अतुल सिंह, पूर्व प्रत्याशी विधानसभा सदर मनीष सिंह चौहान व अशोक सिंह मौजूद रहे। उन्होंने आगामी कार्यक्रमों में सक्रिय भागीदारी का भरोसा दिलाया।
स्थानीय नेताओं ने कहा कि पैदल मार्च के मार्गों, तारीखों और जिम्मेदारों की सूची जल्द घोषित की जाएगी और हर ब्लॉक में कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। संगठन ने संवेदनशीलता रखते हुए शांतिपूर्ण ढंग से विरोध करने का निर्देश दिया है ताकि जनहित में स्पष्ट संदेश जाए।
आगामी दिनों में कांग्रेस के इस निर्णय का स्थानीय राजनीति पर असर दिखाई देगा। जिले की जनता से जुड़े कार्यकर्ताओं से आग्रह कर आगे की योजना में भाग लेने को कहा गया है ताकि तय कार्यक्रम प्रभावी रहे।
स्रोत: अमर उजाला

