लखीमपुर खीरी। जिले के अलग-अलग गांवों में बाघ, हाथी और तेंदुए की सक्रियता से ग्रामीण चिंतित हैं। मझगईं, बांकेगंज और बिजुआ के तीन घटनास्थलों से नुकसान और भय की खबरें मिलीं।
मझगईं वन रेंज की ग्राम पंचायत धर्मापुर के गुनाखर टांडा में बीती रात बाघ ने सांड़ को मार दिया। शनिवार नहीं, स्रोत के अनुसार शव शुक्रवार सुबह खेत के पास अधखाया मिला और पास में बाघ के पैरों के निशान देखे गए।
वन विभाग की कार्रवाई
सूचना पर वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और निरीक्षण किया। वन क्षेत्रीय अधिकारी अंकित सिंह ने बताया कि सांड़ को बाघ ने मारा है, छह कैमरे लगवाए गए हैं और गश्त बढ़ाई गई है। ग्रामवासी पिंजरा लगाने की मांग कर रहे हैं।
किशनपुर अभयारण्य में 25 दिन से डेरा डाले सात नेपाली हाथी बृहस्पतिवार रात जंगल से निकलकर मैलानी रेंज की सुल्तानपुर बीट से सटी आबादी में पहुंच गए। वे खुटार रेंज सीमा से सटे पटिहन गांव में आए और वहां धान व गन्ने की फसल रौंद दी। सुबह तक हाथी जंगल लौट गए। रेंजर मैलानी सुरेंद्र कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि वन कर्मियों की टीमें हाथियों पर लगातार नजर रख रही हैं और शुक्रवार को उनकी लोकेशन किशनपुर रेंज में मिली।
बिजुआ के दक्षिण टांडा गांव में शुक्रवार शाम बालकराम की भैंस चर रही थी। झाड़ियों से निकले तेंदुए ने उस पर हमला किया। ग्रामीणों की आवाजाही से तेंदुआ भैंस को छोड़कर जंगल की ओर भाग गया, पर घर पहुंचते ही भैंस की मौत हो गई।
स्थानीय लोग कह रहे हैं कि क्षेत्र किशनपुर सेंचुरी के पास होने के कारण अक्सर तेंदुआ, बाघ व अन्य जंगली जानवर दिखाई देते हैं। पूर्व प्रधान विजय सिंह, वर्तमान प्रधान राजकुमार, रमेश सिंह, जगदीश सिंह और छत्रपाल सिंह समेत ग्रामीण बाघ पकड़ने और पिंजरा लगाने की मांग कर रहे हैं।
ग्रामीणों ने वन विभाग से गश्त और निगरानी और पीड़ित किसानों को मुआवजा दिलाने की मांग की है। वन विभाग ने कैमरे व गश्त बढ़ाने के साथ ही लोगों से सावधानी बरतने का अनुरोध किया है।
स्रोत: अमर उजाला

