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लखीमपुर खीरी: बिजली कटौती से पंप ठहर गए, 20 रुपये का जार 40 पर बिकने लगा

दो दिन से पंप बंद रहने से नल सूख गए; नगर पालिका ने टैंकर भेजे और पंपों पर जनरेटर लगवाकर आपूर्ति बहाल करने की कवायद शुरू की।

लखीमपुर खीरी: बिजली कटौती से पंप ठहर गए, 20 रुपये का जार 40 पर बिकने लगा
फोटो: अमर उजाला

लखीमपुर खीरी। लगातार बिजली कटौती के कारण शहर में पेयजल संकट खड़ा हो गया है। पंप बंद होने से कई इलाकों के घरों के नल दो दिन से पानी नहीं दे रहे और पानी की टंकियां खाली हो गई हैं।

रविवार को सरकारी नलों पर लोग पानी के लिए लंबी कतारों में खड़े दिखे। कई परिवारों ने किराये पर जनरेटर मंगवाए और उससे अपने घरों की टंकियां भरीं। एक मोहल्ले में जब किसी के घर जनरेटर चला तो आस-पास के लोग अपने-अपने जनरेटर अपने घर ले जाने के लिए खड़े हो गए।

पानी की किल्लत और दाम बढ़े

पानी की बढ़ती मांग के बीच कुछ दुकानदारों ने बोतल-ब्रेज्या व जार के दाम बढ़ा दिए। सामान्य दिनों में 20 रुपये में मिलने वाला पानी का जार अब 40 रुपये तक बिक रहा है। बड़ी केन की कीमत 50 रुपये तक पहुँच गई। लोग मजबूरी में महंगे भाव पर पानी लेने को विवश हुए।

नगर पालिका ने स्थिति गंभीर होते देख तत्काल कदम उठाए। कई मोहल्लों में पानी पहुंचाने के लिए टैंकर भेजे गए। साथ ही पंपों पर जनरेटर लगवाकर बंद पड़े पंपों को चलाने की तैयारी की गई।

पालिका अधिकारियों के अनुसार जनरेटर लग जाने के बाद प्रभावित इलाकों में पानी की आपूर्ति धीरे-धीरे लौट रही है। अधिकारी कह रहे हैं कि सप्लाई पूरी तरह सामान्य होने में कुछ समय लग सकता है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि बार-बार बिजली कटने से रोजमर्रा की जिंदगी प्रभावित हो रही है और दिक्कतों से बाहर निकलने के लिये प्रशासनिक कार्रवाई आवश्यक है। कई परिवारों ने फिलहाल टैंकर और बिक्री पर निर्भरता बताई है।

अब क्या होगा

नगर पालिका ने कहा है कि पंपों पर नियमित रूप से जनरेटर लगाकर पानी की आपूर्ति को कायम रखा जाएगा जब तक बिजली की समस्या दूर नहीं हो जाती। जनता से कहा गया है कि आवश्यकता से ज्यादा पानी स्टोर न करें और टैंकर सेवाओं का सहिष्णुता से उपयोग करें।

स्रोत: अमर उजाला

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Alok Kumar

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कई वर्षों से समाचार, योजना, रोजगार इत्यादि मामलों से जुड़े कार्यों में संलग्न।