महराजगंज। जिले के यूपी बोर्ड संचालित स्कूलों में इस शैक्षिक सत्र से विद्यार्थियों की कमियों की पहचान कर उनकी तैयारी कराई जाएगी। यह व्यवस्था बोर्ड की नई दिशा-निर्देश के तहत लागू हो रही है और हर स्कूल को इसका अनुपालन करना होगा।
जिले में कुल 278 माध्यमिक स्कूल हैं जहाँ यह नवाचार लागू किया जा रहा है। हाईस्कूल व इंटरमीडिएट के विद्यार्थियों की कक्षा परीक्षाओं के प्रदर्शन के आधार पर विषय, अध्याय और प्रश्न स्तर पर कमियों का पता लगाया जाएगा। उन छात्रों को जिनको बोर्ड परीक्षा में अपेक्षित अंक नहीं मिल रहे, परीक्षा से पहले ही स्कूल स्तर पर चिन्हित कर सहायता दी जाएगी।
कमजोरियों की पहचान और सुधार
कमजोर विद्यार्थियों का चयन केवल कुल अंक के आधार पर नहीं होगा। शिक्षक यह देखेंगे कि विद्यार्थी को किस विषय या अध्याय में लगातार परेशानी हो रही है और उसी के अनुसार अतिरिक्त अभ्यास और मार्गदर्शन देंगे। बोर्ड से पहले मॉडल पेपर, अभ्यास प्रश्न और पिछले वर्षों के प्रश्नपत्र हल कराने के साथ निर्धारित समय में पेपर पूरा करने का अभ्यास कराया जाएगा।
कई बच्चों को गणित के विशेष अध्यायों में दिक्कत होती है तो कुछ को विज्ञान के सवाल हल करने में परेशानी आती है। भाषा विषयों में उत्तर लेखन, भाषा और प्रस्तुतीकरण की कमियां भी दूर कराई जाएंगी। तैयारी की नियमित समीक्षा की जाएगी और अतिरिक्त अभ्यास कराने के बाद पुनर्मूल्यांकन कर सुधार की मात्रा जाँची जाएगी।
विद्यालयों के प्रधानाध्यापक और शिक्षक इस कवायद को बोर्ड परीक्षा से काफी पहले शुरू कर रहे हैं ताकि अंतिम समय में अतिरिक्त दबाव न पड़े। वर्जन के तहत यूपी बोर्ड सचिव से सभी माध्यमिक स्कूलों को पालन हेतु निर्देश पत्र भी जारी किया गया है।
अब आगे स्कूल स्तर पर यह देखा जाएगा कि अभ्यास व मार्गदर्शन से कितने विद्यार्थी अपनी कमजोरियों पर काबू पाते हैं और बोर्ड परीक्षा में सुधार दिखता है या नहीं। जिन बच्चों को और मदद की जरूरत होगी, उन्हें फिर से समुचित अभ्यास और मार्गदर्शन दिया जाएगा।
स्रोत: अमर उजाला

