महराजगंज। जापान के आइची नागोया में जारी 2026 एशियाई खेलों में तीरंदाजी में मिले शानदार परिणाम ने महराजगंज और आसपास के जिलों में खुशी और उम्मीद दोनों बढ़ा दी है। स्थानीय खिलाड़ी और कोच इस प्रदर्शन को अन्य खेलों के लिए उदाहरण मान रहे हैं।
जिला क्रीड़ा अधिकारी सरिता रानी ने बताया कि भारतीय कंपाउंड तीरंदाजी टीम ने तीन स्वर्ण पदक अपने नाम किए हैं। इनमें महिला दल, पुरुष दल और मिश्रित दल स्पर्धा के स्वर्ण पदक शामिल हैं। इस कामयाबी से पूरे गोरखपुर मंडल के खिलाड़ियों तथा प्रशिक्षण प्रणाली को मान्यता मिली है।
अंतरराष्ट्रीय पहलवान व कुश्ती प्रशिक्षक श्यामकरन यादव ने तीरंदाजों के प्रदर्शन को काबिले तारीफ बताया। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि जनपद के खिलाड़ियों के लिए गर्व का पल है। धावक अजय यादव ने बताया कि एशियाई खेलों से पहले 13वीं तीरंदाजी प्रतियोगिता बहराइच में आयोजित की गई थी जो तैयारियों का अहम हिस्सा रही।
मंच और तैयारी
बहराइच में हुई 13वीं तीरंदाजी प्रतियोगिता में गोरखपुर क्षेत्र की महिला और पुरुष दोनों टीमों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। प्रतियोगिता में गोरखपुर के साथ-साथ गोंडा, बस्ती, देवरिया, संतकबीरनगर, बहराइच, कुशीनगर और सिद्धार्थनगर के तीरंदाजों ने भी भाग लेकर अपनी क्षमता दिखाई। इस आयोजन को प्रदेश के युवा खिलाड़ी अनुभव और आत्मविश्वास देने वाला बताया जा रहा है।
महिला रिकर्व दल, अंकिता भक्त, कीर्ति और कुमकुम, ने 10 बार की विजेता दक्षिण कोरिया को 5-3 से हराकर स्वर्ण पदक हासिल किया। यह जीत खासकर युवा महिला खिलाड़ियों के लिए बड़ी प्रेरणा मानी जा रही है और स्थानीय कोचिंग व प्रशिक्षण की गुणवत्ता पर प्रकाश डालती है।
स्थानीय खेल प्रेमी अब उम्मीद कर रहे हैं कि गोरखपुर मंडल का यह प्रदर्शन तीरंदाजी तक सीमित नहीं रहेगा बल्कि अन्य खेलों में भी बेहतर नतीजे देखने को मिलेंगे। जिले व मंडल के कोच और खेल अधिकारियों का कहना है कि प्रशिक्षण और संसाधन दोनों पर और काम किया जाएगा ताकि युवा खिलाड़ी अंतरराष्ट्रीय मंचों पर और भी सफल हों।
आगे की राह
अब स्थानीय स्तर पर और अधिक प्रतियोगिताएं आयोजित करने और कोचिंग सत्र बढ़ाने की योजना बनाई जा रही है। खिलाड़ियों को नए मौके और बेहतर तैयारी देने के लिए जिला स्तर पर व्यवस्था मजबूत करने पर जोर दिया जा रहा है।
स्रोत: अमर उजाला

