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महोबा: साहूकार कर्ज व तिल की बर्बाद फसल से परेशान किसान ने फांसी लेकर दी जान

खरका के अनिल प्रजापति (35) ने करीब 30 बीघा बलकट जमीन पर बोई तिल की फसल बारिश में बर्बाद होने पर और 2 लाख रुपये के कर्ज से तंग आकर आत्महत्या की।

महोबा

महोबा। थाना कबरई के खरका गांव में शनिवार की रात एक किसान ने फंदा लगाकर जान दे दी। खबर पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।

मृतक की पहचान खरका निवासी अनिल प्रजापति (35) के रूप में हुई है। परिवार और परिजनों ने बताया कि अनिल मेहनत-मजदूरी के साथ कास्तकारों की करीब 30 बीघा जमीन बलकट पर लेकर खेती करता था।

कारण और परिस्थिति

इस बार खरीफ में उसने तिल की फसल बोई थी, जो एक सप्ताह पहले हुई भारी बारिश में बर्बाद हो गई। परिवार के सदस्यों के मुताबिक अनिल साहूकारों से करीब 2 लाख रुपये का कर्जदार था और फसल नष्ट होने के बाद वह कर्ज की अदायगी को लेकर लगातार दबाव में था।

घटना उसी समय हुई जब शनिवार की शाम उसकी पत्नी सुखदेवी अपने सात वर्षीय बेटे मातादीन, रोहित और बेटी शिवानी को दादा के घर छोड़कर खेत गई थीं। वापस आने पर घर का दरवाजा अंदर से बंद मिला। कई बार कुंडी बजाने के बाद भी अंदर से कोई आहट न आई तो पड़ोसी जुट गए और दरवाजा तोड़कर भीतर गए, जहाँ अनिल फंदे पर लटका मिला।

थानाध्यक्ष संतोष कुमार सिंह ने बताया कि पुलिस ने घटनास्थल की जांच की है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट व जांच के आधार पर आगे कार्रवाई की जाएगी। एसडीएम शिवध्यान पांडेय ने कहा कि प्रथम दृष्टया घरेलू विवाद व नशे का लत भी मामला बनकर सामने आ रहा है।

प्रशासन ने बताया कि बारिश से बर्बाद फसलों का सर्वे चल रहा है और जिन किसानों के हालात पाए गए, उन्हें नियमानुसार मुआवजा दिलाने की कार्रवाई की जाएगी। मृतक के परिजनों ने साहूकारों के दबाव और कर्ज की बात बताई है; पुलिस आत्महत्या के कारणों की गहनता से जांच कर रही है।

जांच व आगे की कार्रवाई

पोस्टमार्टम व जांच पूरी होने के बाद ही कड़ियाँ तय की जाएँगी और आवश्यक कानूनी प्रकोप अपनाए जाएंगे। पुलिस ने आसपास के गांवों में भी हालात से जुड़ी जानकारी जुटाने के निर्देश दिए हैं।

स्रोत: अमर उजाला

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Vikas Kumar

Vikas Kumar

कई वर्षों से समाचार, योजना, रोजगार इत्यादि मामलों से जुड़े कार्यों में संलग्न।