मथुरा। शनिवार को बंगाल, ओडिशा, दिल्ली व अन्य पांच राज्यों से आए श्रद्धालुओं ने श्रीकृष्ण जन्मभूमि के मूल गर्भगृह स्थल पर भव्य और दिव्य मंदिर निर्माण करने का संकल्प लिया। राया के गणेश बाग स्थित अग्रवाल सेवा सदन में आयोजित कार्यक्रम में यह संकल्प विधिवत लिया गया।
कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने हाथ उठाकर श्रीकृष्ण जन्मभूमि शाही ईदगाह प्रकरण के हिंदू पक्षकार एवं श्रीकृष्ण जन्मभूमि मुक्ति न्यास के अध्यक्ष महेंद्र प्रताप सिंह एडवोकेट के नेतृत्व में चल रहे आंदोलन का समर्थन किया। संकल्प ग्रहण के दौरान पूरा परिसर “जय श्रीकृष्ण” और “आ गए हैं अवध बिहारी, अब आएंगे कृष्ण मुरारी” के जयघोष से गूंज उठा।
संजोय और नेतृत्व
महेंद्र प्रताप सिंह एडवोकेट ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि श्रीकृष्ण जन्मभूमि का संघर्ष केवल अदालत तक सीमित नहीं है। उन्होंने कहा, “यह करोड़ों हिंदुओं की आस्था, इतिहास और सांस्कृतिक विरासत से जुड़ा विषय है।” उन्होंने भक्तों से कहा कि अब समय आ गया है कि हर हिंदू अपने क्षेत्र में जनजागरण करे।
अध्यक्ष ने आगे कहा कि आंदोलन की सबसे बड़ी ताकत जागरूक समाज है और यदि हर श्रद्धालु अपने गांव, मोहल्ले और नगर में दस नए लोगों तक इस विषय को पहुंचाने का संकल्प लेता है तो यह अभियान देशव्यापी जनआंदोलन का रूप ले सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि अलग-अलग राज्यों से लोग मथुरा आकर संकल्प ले रहे हैं, जो इस मुद्दे की व्यापकता बताता है।
बंगाल से आए संत असीम कृष्णदास ने कहा कि महेंद्र प्रताप सिंह एडवोकेट के नेतृत्व में जन्मभूमि मुक्ति का संघर्ष आगे बढ़ रहा है और इसे जन-जन तक पहुंचाना श्रद्धालुओं का दायित्व है। उन्होंने बताया कि यात्री अपने-अपने राज्यों में लौट कर जनजागरण अभियान चलाएंगे।
कार्यक्रम में असीमदास, परमानंद दास, गोपालदास, राधारमण दास, नरोत्तम दास के साथ विमल कुमार गर्ग, विजय अग्रवाल, योगेश अग्रवाल, संकेत अग्रवाल, अमित अग्रवाल और नीरज अग्रवाल सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे। आने वाले दिनों में ये लोग अपने-अपने क्षेत्रों में जागरूकता अभियान चलाएंगे और अधिक लोगों को इस आंदोलन से जोड़ने का प्रयत्न करेंगे।
स्रोत: अमर उजाला

