मथुरा। 29 सितंबर 2026 को मुख्य चुनाव आयुक्त के आवास के बाहर हुई हिंसक घटना में पुलिस ने 27 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। चौकी प्रभारी की तहरीर के आधार पर कार्रवाई की गई है जिसमें प्रदर्शन और सुरक्षा बलों पर हमले की बात कही गई है।
पुलिस ने बताया कि मौके पर भीड़ उग्र हो गई थी और नारेबाजी के साथ उपद्रव हुआ। सुरक्षा में तैनात होमगार्ड दिनेश कुमार को भीड़ ने घेर लिया। विरोध करने पर प्रदर्शनकारियों ने उन पर धक्का दिया और सिर पर ठोस वस्तु से प्रहार किया, जिससे वह बेहोश हो गए। पुलिस ने घायल होमगार्ड को निजी अस्पताल भेजा।
आरोपियों और धाराओं की सूची
तहरीर में घटना के कई पहलुओं का जिक्र है और आरोपियों के नाम भी दर्ज किए गए हैं। जिनके खिलाफ प्राथमिकी हुई है उनमें मुकेश धनगर, अनिल यादव, राजेश, मुकेश गौड़, करण सिंह निषाद, विक्रम वाल्मीकि, उमेश शर्मा और राजा गौतम समेत कुल 27 आरोपी हैं। आरोपियों ने सोशल मीडिया पर भी पोस्ट डाली है, जो जांच का हिस्सा है।
पुलिस ने जिन धाराओं का हवाला दिया है उनमें बीएनएस-109 (2) हत्या का प्रयास, बीएनएस-121 (2) लोक सेवक को ड्यूटी से रोकना और चोट पहुंचाना, बीएनएस-126 (2) गैरकानूनी तरीके से किसी को रास्ता रोकना, बीएनएस-132 लोक सेवक पर ड्यूटी के समय हमला करना, बीएनएस-191 (1) गैरकानूनी जनसमूह हिंसा, बीएनएस-333 घर में जबरन घुसना, बीएनएस-351 (2) आपराधिक धमकी, बीएनएस-352 शांति भंग करने के इरादे से अपमान और आपराधिक कानून (संशोधन) अधिनियम 1932-7 का भी जिक्र है।
घटना के बाद इलाके में तनाव बना रहा और पुलिस ने शांति बनाए रखने के लिए अतिरिक्त बल तैनात किए। जांच दल आरोपियों की पहचान और सोशल मीडिया पोस्ट की सत्यता की जांच कर रहा है।
स्थानीय लोग बोले कि ऐसे घटनाओं से सुरक्षा पर सवाल उठते हैं और वे चाहते हैं कि दोषियों पर त्वरित कार्रवाई हो। अगला कदम क्या होगा, यह पुलिस की विस्तृत जांच और आवश्यक गिरफ्तारियों के बाद स्पष्ट होगा।
स्रोत: अमर उजाला

