मथुरा। प्रेमानंद महाराज के आश्रम के बाहर 18 वर्षीय अनुज चौधरी के लापता होने को लेकर परिजनों और गांव के कई लोग धरने पर बैठ गए हैं। परिजनों का कहना है कि तीन महीने पहले दीक्षा लेने के इरादे से अनुज वृंदावन आया था, तब से उसका कोई सुराग नहीं मिला।
परिजन बताते हैं कि वे बार-बार आश्रम पहुँचकर जानकारी मांगते रहे, लेकिन आश्रम के किसी व्यक्ति या सेवादार ने संतोषजनक जवाब नहीं दिया। परिवार ने अनुज को तुरंत वापस घर भेजने की मांग रखी है और आश्रम के बाहर बैठकर सत्यापन और जानकारी की प्रतीक्षा कर रहे हैं।
परिवार की मांग और पिता का निर्णय
पिता ने कहा, “जब तक अनुज के बारे में उन्हें स्पष्ट जानकारी नहीं मिलती, तब तक वे आश्रम के बाहर बैठे रहेंगे”। परिवार का कहना है कि वे लंबे समय से खोज में परेशान हैं और अब शांतिपूर्ण धरना कर रहे हैं ताकि मामले का निष्पक्ष समाधान हो।
परिजन विशेष रूप से यह भी बता रहे हैं कि अनुज का कोई संपर्क नहीं आना उनके लिए चिंता का प्रमुख कारण है। वे आश्रम प्रबंधन से सहयोग और स्थानीय प्रशासन से कार्रवाई की अपील कर रहे हैं ताकि बेटे के whereabouts का पता चल सके।
पिछली संदिग्ध मौत की जांच
इस मामले से पहले प्रेमानंद आश्रम के एक शिष्य रसिक दुलारी शरण उर्फ दीपक लोधी की संदिग्ध मौत भी चर्चा में आई थी। पुलिस के मुताबिक रसिक मूल रूप से जबलपुर के रहने वाले थे और 25 सितंबर को आश्रम की चौथी मंजिल से गिरने के बाद अस्पताल में इलाज के दौरान उनकी मौत हुई थी।
पुलिस ने रसिक की मौत की परिस्थितियों की विस्तृत जांच शुरू की है और अलग-अलग पहलुओं की छानबीन कर रही है। अनुज के लापता होने के मामले में भी स्थानीय अधिकारियों से जानकारी मिलने पर परिवार ने कार्रवाई की उम्मीद जताई है।
स्थानीय लोग और परिजन अभी धरना जारी रखेंगे और प्रशासन से अनुरोध कर रहे हैं कि जल्द से जल्द अनुज का पता लगाया जाए। उपलब्ध जानकारी मिलने पर परिवार और पुलिस दोनों आगे की कार्रवाई करेंगे।
स्रोत: TV9 भारतवर्ष

