मथुरा। तीन माह से लापता युवक अनुज चौधरी के परिजन रमणरेती स्थित संत प्रेमानंद महाराज के आश्रम के बाहर धरने पर बैठ गए हैं। पिता राजवीर ने बताया कि अनुज के न मिलने से परिवार आक्रोशित है और उन्होंने सख्त चेतावनी भी दी है।
परिवार की शिकायत के अनुसार अनुज चौधरी ने 26 जून को संत प्रेमानंद महाराज से दीक्षा ली थी और दीक्षा के बाद आश्रम से घर लौट आया था। 3 जुलाई को वह फिर आश्रम के दर्शन के लिए गया था। उसके साथ आश्रम से मिली कंठी माला और तीन पुस्तकें थीं, लेकिन उसके बाद से उसका कोई सुराग नहीं मिला।
परिजन का धरना और आश्रम के रुख
उसके पिता राजवीर ने बताया कि उन्होंने 5 जुलाई को सादाबाद थाने में गुमशुदगी दर्ज करवाई। राजवीर का कहना है कि “अनुज पिछले तीन महीने से संदिग्ध परिस्थितियों में लापता है” और वे और उनके परिजन तीन महीने से बेटे की तलाश में भटक रहे हैं।
परिजनों का आरोप है कि आश्रम प्रबंधन उन्हें अंदर नहीं जाने देता और न ही कोई स्पष्ट जानकारी दे रहा है। बीते दिन आश्रम परिसर के पास मिले एक साधु ने दावा किया था कि “उन्होंने मेरे बेटे को आश्रम के भीतर देखा है”। इसी के बाद परिवार आश्रम के मुख्य द्वार पर बैठने को मजबूर हो गया।
पिता ने हाल ही में आश्रम से जुड़े एक अन्य युवक की मृत्यु का हवाला देते हुए चिंता जताई और चेतावनी दी: “यदि दो दिनों के भीतर उनके बेटे से नहीं मिलाया तो तो वे अपनी पत्नी और चार बेटियों के साथ आश्रम के बाहर ही जान दे देंगे।”
पुलिस की कार्रवाई
दिनभर चले धरने के बाद देर शाम करीब साढ़े सात बजे सीओ वृंदावन आश्रम पहुंचे और परिजनों से बात की। उन्होंने आश्वासन दिया कि पुलिस अनुज को तलाशने में हर संभव मदद करेगी।
सीओ ने आश्रम के रिकॉर्ड की जांच कराई। जांच अनुसार आश्रम के रिकार्ड में युवक का नाम नहीं मिला। परिजन अब भी बेचैन हैं और आश्रम के भीतर और बाहरी हिस्सों की खुद तलाश कर रहे हैं।
इस बीच संत प्रेमानंद महाराज के आश्रम से संबंधित नोएडा की एक युवती भी डेढ़ माह से लापता है। उसके पिता उमेश सिंह कह रहे हैं कि 15 अगस्त को उनकी 35 वर्षीय बेटी आश्रम जाने की बात कहकर घर से निकली थी और तभी से वह नहीं लौटी। परिवारों का कहना है कि आश्रम के सेवक भी उन्हें संतोषजनक जवाब नहीं दे रहे।
स्रोत: अमर उजाला

