मऊ। शहर की सड़कों पर ऑटो और ई-रिक्शा तीन साल पहले बनाए गए रूट प्लान के विपरीत मनमानी ढंग से दौड़ रहे हैं और इससे टै्रफिक जाम बढ़ गया है। अगस्त 2023 में जो रूट और कलर कोड तय किए गए थे, वे अब भी फाइलों में धूल फांक रहे हैं।
एआरटीओ कार्यालय के दस्तावेजों के अनुसार जिले में 8,545 ई-रिक्शा और 8,239 ऑटो पंजीकृत हैं। इनमें से 3,400 ई-रिक्शा केवल मऊ शहर की सड़कों पर चलते हैं। रूट और किराये की स्पष्ट गाइडलाइन न होने से यात्रियों को अलग-अलग जगहों पर अलग- अलग किराया देना पड़ रहा है।
निगम और प्रशासन की बेपर्दा व्यवस्था के कारण प्रमुख चौराहों पर सुबह से रात तक ट्रैफिक प्रभावी ढंग से प्रभावित हो रहा है। गाजीपुर तिराहा, भीटी चौराहा, आजमगढ़ मोड़, सदर चौक और फातिमा तिराहा पर जाम सबसे अधिक बनता है। गाजीपुर तिराहा से कचहरी गेट 400 मीटर की दूरी है, लेकिन जाम में यह दूरी 10-15 मिनट लगने पर भी पूरी नहीं होती।
रूट और स्टैंड की हालत
तीन साल पहले मऊ नगर पालिका क्षेत्र में ई-रिक्शा और ऑटो के लिए छह प्रमुख रूट तय किए गए थे। नगर पालिका ने मिर्जाहादीपुरा चौक, आजमगढ़ तिराहा, गाजीपुर तिराहा, सदर चौक और भीटी में अस्थायी ऑटो स्टैंड बनाए थे। इन स्टैंडों के लिए सालाना शुल्क लिया जाता है, लेकिन स्थायी स्टैंड की व्यवस्था नहीं कराई गई।
- मधुबन से दुबारी: 20 रुपये
- मधुबन से बेल्थरा रोड: 40 रुपये
- मधुबन से घोसी: 50 रुपये
- मधुबन से दोहरीघाट: 60 रुपये
- मधुबन से मऊ: 50 रुपये
- रतनपुरा से मऊ: 40 रुपये
- कोपागंज से घोसी: 20 रुपये
- मऊ से घोसी: 50 रुपये
कुछ ई-रिक्शा चालकों ने बताया कि नगर पालिका उनसे सालाना 1,040 रुपये और ऑटो चालकों से 1,140 रुपये वसूलती है और रसीद व प्रमाणपत्र भी देती है। बावजूद इसके स्टैंडों को कभी भी हटा दिया जाता है और चालकों को स्थायी जगह नहीं मिली।
एआरटीओ सुहेल अहमद ने कहा, “किराया निर्धारित, शिकायत मिलने पर होगी कार्रवाई” और बताया कि पेट्रोल सवारी वाहन के लिए 3.66 रुपये प्रति किलोमीटर और डीजल सवारी वाहन के लिए 3.49 रुपये प्रति किलोमीटर किराया मंडल स्तर से तय है। उन्होंने कहा कि अब तक मनमाना किराया वसूली की कोई शिकायत नहीं मिली है, लेकिन आवश्यकता पड़ने पर यूनियन से बात करके सूची चस्पा करवाई जाएगी।
यात्री शिकायत दर्ज करा सकते हैं और प्रशासन से स्थायी स्टैंड व किराया सूची लगवाने की उम्मीद रखते हैं। आगे प्रशासन और परिवहन विभाग की ओर से शिकायत मिलने पर अभियान चलाकर कार्रवाई करने की बात कही गई है।
स्रोत: अमर उजाला

