मऊ। जनपद न्यायाधीश, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा संचालित पॉक्सो जागरूकता अभियान का शुक्रवार को भव्य समापन जिला न्यायालय परिसर में किया गया। समापन समारोह महात्मा गांधी एवं लाल बहादुर शास्त्री की जयंती के साथ आयोजित हुआ।
यह अभियान बीते 25 सितंबर से जिले के विद्यालयों में आयोजित किया जा रहा था। अभियान में विभिन्न स्कूलों के छात्र-छात्राओं के साथ संवादात्मक सत्र कराए गए और बच्चों को कानून की शर्तों के बारे में बताया गया। मुख्य संदेश था कि 18 वर्ष से कम आयु में अंतरंग संबंधों के लिए दी गई सहमति को कानून में कोई मान्यता नहीं है।
प्रभात फेरी और पाठ्यक्रमगत गतिविधियाँ
समारोह के आरम्भ में छात्र-छात्राओं ने पॉक्सो एक्ट की जागरूकता के लिए प्रभात फेरी निकाली। जनपद न्यायाधीश संजय कुमार यादव ने बच्चों को हरी झंडी दिखाकर फेरी रवाना की। फेरी में छात्रों ने नारों और संदेशों के माध्यम से समुदाय को चेतावनी दी और कानून की जानकारी बांटी।
कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने इस विषय पर भाषण भी दिए। अभियान के दौरान स्कूलों में संवादात्मक सत्रों में बच्चों से प्रश्न‑उत्तर किए गए और उन्हें व्यवहारिक मामलों की समझ दी गई। न्यायालय परिसर में बच्चों की बनाई कलाकृतियों को प्रदर्शित किया गया, जिससे दर्शकों को विषय की गंभीरता समझने में मदद मिली।
प्रतियोगिता में भाग लेने वाले बच्चों को प्रमाण-पत्र वितरित किए गए। साथ ही उत्कृष्ट योगदान देने वाले शिक्षकों और स्वयंसेवकों को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में शामिल आयोजकों ने कहा कि ऐसे प्रयास बच्चों में जागरूकता बढ़ाते हैं और समाज को सुरक्षित बनाने में मदद करते हैं।
आगे की पहल
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण का उद्देश्य है कि ऐसे अभियान नियमित रूप से स्कूलों और समुदायों में चलते रहें। आने वाले दिनों में और भी सत्र आयोजित किए जाने की संभावनाओं का उल्लेख हुआ है ताकि बच्चे और अभिभावक दोनों कानून संबंधी जानकारी से लैस हों।
स्रोत: अमर उजाला

