मिर्ज़ापुर। शनिवार को उप्र लेखपाल संघ के आह्वान पर जिले की चारों तहसीलों में लेखपालों ने धरना-प्रदर्शन कर संपूर्ण समाधान दिवस का बहिष्कार किया। संगठन ने तहसील परिसरों में मुख्यमंत्री को संबोधित आठ सूत्री मांगपत्र अधिकारियों को सौंपा।
प्रदर्शन का मुख्य उद्देश्य लेखपाल पद को तकनीकी पद घोषित कराने की मांग था। इस दौरान लेखपालों ने प्रशासन से तत्काल समाधान की मांग की और कहा कि उनकी मांगें न माने जाने पर आगे की रणनीति की चेतावनी दी जाएगी।
तहसीलों में मौजूद नेता और क्रम
सदर तहसील में संगठन के जिलामंत्री अवनीश पटेल के नेतृत्व में प्रदर्शन हुआ। इस दौरान सदर तहसील अध्यक्ष सुरेंद्र कुमार, राम आसरे, कृष्ण चंद्र यादव, बेबी विश्वकर्मा, सुनील सिंह, अभिषेक, आयुष पटेल, विजय प्रताप सिंह तथा अशोक पाल आदि मौजूद रहे।
लालगंज तहसील में भी लेखपालों ने धरना दिया। वहां विनोद कुमार, अनूप कुमार पांडेय, सचिन मिश्रा, मनमोहन लाल, कन्हैया लाल, शैलेंद्र कुमार तथा पंकज कुमार पटेल सहित कई लेखपाल भागीदार रहे।
चुनार तहसील परिसर में लेखपाल संघ ने धरना कर संपूर्ण समाधान दिवस का बहिष्कार किया। तहसील अध्यक्ष अजय मिश्रा के नेतृत्व में आठ सूत्री मांगपत्र उपजिलाधिकारी अनेग सिंह को सौंपा गया।
धरनों से तहसील कार्यालयों के कामकाज पर असर पड़ा और यहां सेवा लेने आये लोग असुविधा महसूस कर सकते हैं। ग्रामीण और किसानों के कागजात निर्धारित समय पर नहीं जुट पाने की आशंका जताई जा रही है। प्रशासन ने फिलहाल शांत रहने का आह्वान किया है लेकिन अधिकारियों की ओर से तत्काल प्रतिक्रिया के बारे में कोई घोषणा नहीं आई।
लेखपाल संघ ने कहा है कि यदि प्रशासन उनकी मांगों पर सकारात्मक कदम नहीं उठाता तो आगे भी आंदोलनात्मक कार्यक्रम जारी रहेंगे। अगले कदम और अधिकारियों के साथ वार्ता की जानकारी मिलने पर संघ ने रास्ते और रणनीति तय करने का संकेत दिया है।
स्रोत: अमर उजाला

